लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्योहारों के बीच लोगों को लगातार तीन दिन की छुट्टी का मौका मिलेगा। योगी सरकार ने महानवमी के अवसर पर 19 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इसके साथ ही 20 अक्टूबर को विजयदशमी का अवकाश भी रहेगा। रविवार, 18 अक्टूबर को साप्ताहिक छुट्टी होने के कारण लोगों को लगातार तीन दिन अवकाश मिलेगा।
सरकार के संशोधित आदेश के मुताबिक, पहले महानवमी और विजयदशमी के लिए 20 अक्टूबर को अवकाश घोषित किया गया था। अब महानवमी के अवसर पर 19 अक्टूबर को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस संबंध में संभागीय आयुक्तों, जिला मजिस्ट्रेटों, उच्च न्यायालय, बैंकों और संबंधित विभागों को संशोधित आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस फैसले से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य नागरिकों को परिवार के साथ त्योहार मनाने का अवसर मिलेगा। नवरात्र के अंतिम दिनों में मंदिरों में दर्शन, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक आयोजनों में शामिल होने की योजना बना रहे लोगों को भी सुविधा होगी।
महानवमी का धार्मिक महत्व
महानवमी नवरात्र के नौवें दिन मनाई जाती है। यह नौ दिवसीय नवरात्र उत्सव का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस अवसर पर देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन करने के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पूजा-पाठ तथा अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश घोषित होने से लोगों को धार्मिक परंपराओं के अनुसार पर्व मनाने और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।
सीएम योगी ने मां कात्यायनी को बताया महिलाओं के साहस का प्रतीक
नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा कर मां कात्यायनी को महिलाओं के साहस, दृढ़ संकल्प और वीरता का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा, “सभी बाधाओं और राक्षसी प्रवृत्तियों का नाश करने वाली मां कात्यायनी महिलाओं के अदम्य साहस, अटूट दृढ़ संकल्प और अजेय वीरता का प्रतीक हैं।”
सीएम योगी ने 2017 से पहले के हालात का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, अवसरों और खेल सुविधाओं की स्थिति को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भय और अराजकता के माहौल में बेटियों के सपनों और उनकी प्रतिभा पर असर पड़ा था।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, उस दौर में खेल के मैदानों पर माफियाओं का नियंत्रण था और संसाधनों की कमी के कारण लड़कियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते थे। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में बदलाव आया है और सुरक्षा, प्रोत्साहन तथा खेल सुविधाओं के विस्तार पर काम हुआ है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में भय की जगह सुरक्षा, उपेक्षा की जगह प्रोत्साहन और संसाधनों की कमी की जगह खेल सुविधाओं के विस्तार ने ली है।
