KIA कार शोरूम में लगी आग: डिलीवरी के लिए खड़ी 6 कार जलकर राख, दो महिलाओं समेत 20 को किया गया रेस्क्यू

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक ही दिन के भीतर तीन अलग-अलग स्थानों पर भीषण अग्निकांड की घटनाएं सामने आईं, जिनसे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। करोल बाग के मशहूर गफ्फार मार्केट, साकेत के एक कार शोरूम और शाहदरा के शांति मोहल्ला में हुई इन घटनाओं से बाजार और रिहायशी इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।

साकेत कार शोरूम में भीषण आग, 7 झुलसे और 20 सुरक्षित रेस्क्यू

दक्षिण दिल्ली के साकेत कोर्ट के पास सैदुलाजाब इलाके में स्थित एक कार शोरूम में दोपहर करीब 3:47 बजे अचानक भयंकर आग भड़क उठी। शोरूम के अंदर खड़ी नई गाड़ियां धू-धू कर जलने लगीं और देखते ही देखते पूरी इमारत काले धुएं के गुबार से भर गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने सीढ़ियों की मदद से खिड़कियां तोड़कर इमारत के अंदर फंसे करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस हादसे में 7 लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

करोल बाग के गफ्फार मार्केट में दुकानों को लिया चपेट में

इससे पहले, तड़के करीब 1:30 बजे देश के सबसे बड़े मोबाइल मार्केट करोल बाग स्थित गफ्फार बाजार (पुरी प्लाजा) की चेन वाली गली में एक मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान में आग लग गई. तंग गलियों और लटकते बिजली के तारों के जाल के कारण दमकल गाड़ियों को पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। देखते ही देखते आग ने चार मंजिला इमारत की कई दुकानों को अपनी आगोश में ले लिया. दमकल की 22 से अधिक गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत यह रही कि रात का वक्त होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन व्यापारियों का करोड़ों रुपये का माल जलकर राख हो गया।

शाहदरा के शांति मोहल्ला में कपड़ा गोदाम और दुकान जलकर खाक

पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर स्थित शांति मोहल्ला में भी शुक्रवार सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। यहां गली नंबर-3 स्थित एक गारमेंट गोदाम और गली नंबर-5 स्थित कपड़ों की दुकान में शॉर्ट सर्किट के चलते आग लग गई. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब 9 गाड़ियों (5 गोदाम और 4 दुकान के लिए) ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन गोदाम और दुकान में रखा लाखों रुपये का कपड़ा जलकर स्वाहा हो गया।

एक ही दिन में राजधानी के तीन बड़े व्यावसायिक क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं ने बाजारों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों के पालन पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।