दीपोत्सव 2026 के लिए बुधवार से 35 हजार स्वयं सेवक और 250 से अधिक घाट प्रभारी सभी 56 घाटों पर मोर्चा संभाल लेंगे। घाटों पर दीपक बिछाने का काम सुबह 10:30 बजे से विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू होगा, 7 नवम्बर की दोपहर तक काम पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद दियों की गिनती होगी। सभी स्वयंसेवक निर्धारित ड्रेस कोड में रहने के साथ तयशुदा घाटों पर ही दिए बिछाने का कार्य घाट प्रभारी की निगरानी में करेंगे।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर से बुधवार सुबह 8 बजे से 25 बसों के माध्यम से स्वयंसेवकों का दल दीपोत्सव स्थल के लिए रवाना होगा। कुलपति डॉ. बिजेन्द्र सिंह ने अपने संदेश में कहा युवा स्वयंसेवक इस महापर्व की सबसे मजबूत कड़ी हैं, वो बुधवार से घाटों पर दीपों की श्रृंखला सजाएंगे। प्रत्येक दीप में उनकी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण की आभा झलकेगी।
यातायात समिति के समन्वयक प्रो. अनूप कुमार के कुशल निर्देशन में स्वयंसेवकों के आवागमन हेतु सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। प्रो. अनूप कुमार ने बताया कि सभी 25 बसों को निर्धारित रूट एवं समय-सारिणी के अनुसार व्यवस्थित किया गया है, ताकि सभी स्वयंसेवक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध तरीके से सुबह दीपोत्सव स्थल पर पहुंचकर अपने निर्धारित घाटों पर काम संभाल सकें। सभी संबंधित स्वयंसेवकों एवं नोडल अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वह बुधवार सुबह निर्धारित समय से पूर्व अपने परिचय-पत्र (आईडी कार्ड) के साथ उपस्थित होकर अनुशासित ढंग से बसों में अपना स्थान ग्रहण करें।
दीवारों पर जीवंत हो रही त्रेतायुग की झलक
दसवें दीपोत्सव-2026 को यादगार बनाने के लिए रामनगरी को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर निगम की ओर से रामकथा पार्क से लेकर लता मंगेशकर चौक तक सार्वजनिक दीवारों पर रामायण के प्रसंगों और धार्मिक कलाकृतियों का चित्रांकन कराया जा रहा है। दीवारों पर भगवान श्रीराम, माता सीता और रामायण के प्रमुख प्रसंगों से जुड़े चित्र उकेरे जा रहे हैं। इनके साथ पारंपरिक दीपों की सुंदर आकृतियां और दीपोत्सव-2026 के स्वागत संदेश भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
भगवान श्रीराम और माता सीता के प्रसंगों से निखरेगी रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि दसवां दीपोत्सव अयोध्या के लिए विशेष महत्व रखता है। आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के साथ नगर निगम का प्रयास है कि पूरी अयोध्या राममय दिखाई दे। प्रमुख मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। रामकथा पार्क और लता मंगेशकर चौक के आसपास दीवारों पर भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंगों और पारंपरिक दीपों की कलाकृतियां बनवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव पर श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित अयोध्या का अनुभव कराने के लिए नगर निगम की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
दीपोत्सव में आकर्षक होंगे 13 प्रवेश द्वार और 20 सेल्फी प्वॉइंट
दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए प्रभु श्रीराम की नगरी को रामायण थीम पर सजाया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में शहर में कुल 13 थ्रीडी थीमेटिक प्रवेश द्वार और 20 सेल्फी प्वॉइंट श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेंगे। मोक्ष एडवर्टाइजिंग एंड इवेंट्स मैनेजमेंट कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार, 13 प्रवेश द्वारों में तीन हाईवे से अयोध्या में प्रवेश के स्थानों पर और दस राम की पैड़ी पर स्थापित किए जा रहे हैं। इन द्वारों पर रामायण की चौपाइयां अंकित होंगी, जो श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के आदर्शों और लीलाओं का स्मरण कराएंगी। वहीं, 20 सेल्फी प्वॉइंटों में 10 रामकथा मार्ग तथा 10 लता चौक से राम की पैड़ी तक बनाए जा रहे हैं। इसमें रामायण के प्रमुख दृश्य उकेरे जा रहे हैं।
