उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावण मास की पहली शाही सवारी को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पूरी कर ली है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारी की है।
1500 जवान संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
महाकाल सवारी के दौरान सुरक्षा के लिए करीब 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा पूरे सवारी मार्ग पर ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी निगरानी, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
एडीजी ने ली समीक्षा बैठक
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) राकेश गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रावण मास की महाकाल सवारी एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में भीड़ नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाए।
सुरक्षा से लेकर यातायात तक की तैयारियां पूरी
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंट पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। पुलिस टीमों ने बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन और सुरक्षा संसाधनों की जांच कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
आसमान से लेकर जमीन तक रहेगी निगरानी
पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) नवनीत भसीन ने अधिकारियों को लगातार अपने ड्यूटी स्थल पर मौजूद रहने और हर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि “आसमान से लेकर धरती तक हर दिशा में पुलिस की पैनी नजर रहेगी।”
सुगम दर्शन और शांतिपूर्ण आयोजन पर फोकस
उज्जैन पुलिस का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के सुरक्षित और सुगम दर्शन कराना तथा शाही सवारी को शांतिपूर्ण और गरिमामय माहौल में संपन्न कराना है। प्रशासन ने आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन मॉनिटरिंग, रिजर्व पुलिस बल और विभिन्न विभागों के समन्वय से पूरे सवारी मार्ग पर लगातार निगरानी रखने की योजना बनाई है।
