लखनऊ : आज आम और सामान्य परिवारों को सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। पहले जहां 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी दी जाती थी, वह आज पूरी तरह छीन ली गई है। वर्ष 2022 में होली और दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर देने की घोषणा की गई थी, जिसके लिए 3300 करोड़ रुपये का बजट होने के बावजूद जनता को इसका कोई फायदा नहीं मिला।लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में हुई प्रेस कांफ्रेस के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका गुप्ता ने उठाये महंगाई को लेकर सवाल ।
उज्ज्वला योजना में जटिल शर्तें
पीसी के दौरान बोला गया कि उज्ज्वला योजना की जमीनी हकीकत यह है कि यह केवल कुछ लोगों तक सीमित होकर रह गई है। आधार कार्ड मैचिंग जैसी कई शर्तें लगा दिए जाने के कारण बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवार सब्सिडी से वंचित रह जाते हैं। मांग की गई कि इस योजना का दायरा बढ़ाया जाए और सभी सामान्य परिवारों को भी इसका पूरा लाभ दिया जाए।
किचन के सामान और राशन में बेतहाशा बढ़ोतरी
महंगाई के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए बोला गया कि खाद्य महंगाई दर 7 से 8 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। यूपीए सरकार के समय जो चीनी कोटे पर 13 रुपये और बाजार में 37 से 40 रुपये मिलती थी, वह आज 60 से 70 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह 16 रुपये किलो वाला आटा 45 रुपये, 70 रुपये की अरहर दाल 150 रुपये और 30 रुपये लीटर का दूध 60 से 74 रुपये तक बिक रहा है। 28 रुपये वाला चावल 44 रुपये और 10 रुपये का नमक 30 रुपये का हो गया है। पेट्रोल और डीजल के बढ़े दामों ने भी आम जनता का दिवाला निकाल दिया है।
रसोई का बिगड़ा बजट और जनता की समस्याएं
इस महंगाई के चलते रसोई का बजट बिगड़ गया है और थाली से राशन सिकुड़ चुका है। सरकार असल समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए जनता को अन्य मुद्दों में उलझाए रखती है, जबकि ग्रामीण खाद्य महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है। सरकार को फौरन इन बुनियादी समस्याओं की जिम्मेदारी लेकर जवाब देना चाहिए।
