लखनऊ विकास प्राधिकरण में गुरुवार को विशेष निबंधन शिविर में बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचे चारबाग निवासी राजेश सिंह के भूखंड की रजिस्ट्री नहीं हो पाई। जबकि 24 साल से चक्कर लगा रहे राजेश को फोन करके बुलाया था। बताया कि वह खाद्य एवं रसद विभाग से सेवानिवृत्त हैं। वर्ष 2002 में बसंतकुंज योजना के सेक्टर डी में लॉटरी से 112.8 स्क्वायर फीट का भूखंड चार लाख रुपये में पूरा भुगतान करके खरीदा था। न रजिस्ट्री हुई न भूखंड का पता है।
शिविर उनकी पत्रावली नहीं मिली। घंटों इंतजार किया। बाद में एक सप्ताह बाद आने को कहकर लौटा दिया। उन्होंने ये शिकायत कमेटी हॉल में चल रहे जनता अदालत में की। इसी तरह आलमबाग के राजकुमार ने बताया कि उनकी बहन शशीबाला का कानपुर रोड योजना सेक्टर-एफ में दुर्बल आय वर्ग का भवन खरीदने में फंसी पंजीकरण धनराशि ब्याज समेत नहीं मिली है। 35 साल से चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, नेत्रहीन मेहरबान पांचवीं बार जनता अदालत में पहुंचे। बताया कि पत्नी सितारा बेगम ने शारदा नगर में मकान खरीदा था। जिस पर पड़ोसी स्कूल बनाकर चला रहा है। एलडीए खाली नहीं करा रहा है।
केस 1- ध्वस्तीकरण आदेश के बाद भी बना रहे कॉम्पलेक्स
अंजनी कुमार तिवारी ने बताया कि यहियागंज में एक कॉम्पलेक्स एलडीए ने दो बार सील किया। निर्माण अवैध होने पर ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया है। लेकिन, कार्रवाई नहीं की। बिल्डिंग सील होने के बाद भी बिल्डर निर्माण करके दुकानें बेच रहा है। सील बिल्डिंग पुलिस अभिरक्षा में भी नहीं दी गई।
केस 2- क्षेत्र का नहीं हुआ विकास, झुग्गी-झोपड़ी से अतिक्रमण
जानकीपुरम सेक्टर-ई निवासी लाल बिहारी सेवानिवृत्त सहायक निदेशक केंद्रीय जल आयोग ने बताया कि क्षेत्र वर्ष 1999 में दो ब्लॉक में बांटकर 200 भूखंड आवंटित किए। भूखंड में पार्किंग, सड़क, सीवर लाइन, पेयजल लाइन, इंटरलाकिंग जैसे कार्य नहीं हुए। लोगों ने झग्गी-झोपड़ी बनाकर अतिक्रमण कर रखा है।
केस 3- आदेश के बाद भी ध्वस्त नहीं किया टॉवर, लगा रहे फर्जी रिपोर्ट
लाजपत नगर के शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि बालागंज में एक अवैध टॉवर का 20 अगस्त 2025 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी हुआ। इसके बाद भी एलडीए ने न सील किया न ही ध्वस्त किया। कई बार शिकायत कर चुके हैं। आईजीआरएस पर शिकायत करते हैं तो फर्जी रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर देते हैं।
केस 4- 10 साल में जर्जर और टपकने लगे सुलभ आवास, खतरा
जॉय बिसारिया ने बताया कि जानकीपुरम् में 2015 में आवंटित सुलभ आवास मेंटीनेंस के अभाव में जर्जर हो गए हैं। फ्लैटों में सीलन है व पानी टपकता है। ए ब्लॉक के पीछे जमीन धंस गई है। छतें जर्जर हैं। दीवारों से प्लास्टर उखड़ा है। फर्श क्रैक हो चुकी है। सीढ़ियों में पानी भरा रहता है। कई बार शिकायत कर चुके हैं। परिसर की फायर एनओसी नहीं है न ही हैंडओवर किया है।
फिर पहुंचे बसंतकुंज के 272 आवंटी
जनता अदालत में आए विजय बहादुर, संतोष सिंह, तुषार निगम, संतोष तिवारी आदि ने बताया कि बसंतकुंज योजना के सेक्टर-ए में तीन साल पहले आवंटित 272 भूखंड एलडीए दे नहीं पा रहा है। बराबर भूखंड पर कब्जा पाने और रजिस्ट्री कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी कमेटी बनाकर कई बार जांच करा चुके हैं। जमीन भी अर्जित कर ली है। लेकिन किसानों के विवाद के आगे हाथ खड़े कर देते हैं। यदि जमीन पर विवाद था तो बिक्री क्यों की। ज्यादातर लोगों ने बैंक से लोन ले रखा है और ब्याज समेत भर रहे। बैंकों ने नोटिस दे रखा है।
जनता अदालत में गूंजा, सहकारिता समायोजन घोटाला
जनता अदालत में पीड़ित राज नारायण सिंह ने एलडीए पर भू-माफिया बाफिला गिरोह द्वारा संचालित आवासीय समितियों के समायोजन का घोटाला दबाने का आरोप लगाया। शिकायत पत्र देकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कहा कि 16 सितंबर को घोटाले से जुड़े मुख्य पत्रावलियों और कृत कार्यवाही की आईटीआई के तहत मांगी गई सूचना नहीं दी। इस मामले में भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है।
28 प्रकरणों में से सात निस्तारित
जनता अदालत में रजिस्ट्री, मानचित्र, कब्जे व अवैध निर्माण आदि से सम्बंधित कुल 28 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। सात प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया गया।
