सहमति के बावजूद पूर्वी लद्दाख में पीछे हटने से मुकरा चीन

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(www.arya-tv.com)बीते साल जून में एलएसी पर शुरू हुआ भारत और चीन का विवाद अभी भी नहीं थमा है। अक्सर अपनी बात से मुकरने वाले चीन ने फिर वही रवैया दिखाया है। चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग के संघर्ष वाले क्षेत्रों में सैनिकों के पीछे हटाने से इंकार कर दिया है। इतना ही नहीं, चीन ने यह भी कहा है कि भारत को जो कुछ हासिल हुआ है, उसे उससे खुश होना चाहिए।

एक अधिकारी ने बताया है कि चीन ने पहले हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा के पेट्रोलिंग पॉइंट 15 और पेट्रोलिंग पॉइंट-17ए से सेना पीछे हटाने पर सहमति जताई थी। लेकिन बाद में उसने इससे इनकार कर दिया। इससे साफ है कि भारतीय सेना अब एलएसी के पास उसकी नई स्थिति को स्वीकार करे। भारतीय सेना के एक अन्य अधिकारी ने बताया, ‘गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स में चीन के करीब 60 सैनिक अप्रैल 2020 की स्थिति से आगे मौजूद हैं।

चीन के लिए खास हैं ये इलाके, जवानों को राशन पहुंचाता है
ये इलाके भारत और चीन, दोनों के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है। चीनी सेना गोगरा, हॉट स्प्रिंग और कोंगका ला इलाके में तैनात अपने सैनिकों के लिए रसद पहुंचा पाती है। दसवें दौर की वार्ता 20 फरवरी को हुई थी। दोनों देशों की सेनाएं पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से अपने-अपने सैनिक और हथियारों को पीछे हटाने पर राजी हुईं थीं। हालांकि, अब चीन आनाकानी कर रहा है।

तिब्बत में युवाओं की भर्ती कर रही चीनी सेना: रिपोर्ट
एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि चीनी सेना ने तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र में भर्ती अभियान चलाया है। भर्ती किए गए ज्यादातर तिब्बती युवा पहले से ही पीएलए के शिविरों में थे। इन युवाओं से चीन विशेष तिब्बती सेना इकाई तैयार करना चाहता है। दरअसल, चीन तिब्बती युवाओं को इसलिए भर्ती कर रहा है, क्योंकि ऊंचाई वाले इलाकों में उसके सैनिकों को समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

 एक्सपर्ट बोले- चीनी सैनिकों को आज नहीं, तो कल जाना ही होगा
पूर्व सेना प्रमुख जनरल वेद मलिक और पूर्व सैन्य संचालन महानिदेशक विनोद भाटिया का कहना है कि गोग्रा और हॉट स्प्रिंग के इलाकों से भी चीन को अपने सैनिक हटाने ही होंगे। इस इलाके में ज्यादा टिक पाना उनके लिए मुमकिन नहीं है। चीन ने अपने सैनिक उत्तरी पेंगोंग से हटाए हैं। उसकी प्रतिष्ठा को धक्का लगा है। जनरल भाटिया ने कहा कि चीन हमारी गश्त रोकने की स्थिति में नहीं है। यह दुर्गम इलाका है और गश्त रोकने के लिए वे कहां-कहां बैठेंगे।

इतना जरूर है कि जब तक पीएलए के सैनिक गोग्रा और हॉट स्प्रिंग में रहेंगे तब तक तनाव रहेगा। कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के जरिए इसका समाधान होगा। यह हमारे धैर्य और संयम की परीक्षा है। सेना लम्बे समय तक अपने इलाकों को घुसपैठियों से खाली कराने, उन्हें रोके रखने के लिए वहां मौजूद है। लेकिन आज पहले जैसी स्थिति नहीं है जब दोनों ओर के सैनिक अपनी बंदूकों के ट्रिगर पर उंगली रखकर बैठे थे।

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