नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। गुरुवार, 30 जुलाई को उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने लंबे और सफल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया। रहाणे ने स्पष्ट किया कि वह अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ आईपीएल में भी खेलते नजर नहीं आएंगे।
38 वर्षीय रहाणे ने अपने संदेश में लिखा, “कैप नंबर 278, अब यहीं विराम। वर्षों तक मिले प्यार और समर्थन के लिए आप सभी का धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा।” उन्होंने अपने प्रशंसकों, साथी खिलाड़ियों, कोचों और भारतीय क्रिकेट से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी करने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में रहे शामिल
अजिंक्य रहाणे उन चुनिंदा भारतीय क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल—तीनों प्रारूपों में टीम इंडिया की कप्तानी की।
टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 6 मुकाबलों में भारत की कप्तानी की, जिसमें टीम ने 4 मैच जीते जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। उनकी कप्तानी में भारत को टेस्ट क्रिकेट में एक भी हार का सामना नहीं करना पड़ा।
वनडे में उन्होंने 3 मैचों में टीम की कमान संभाली और भारत ने सभी मुकाबलों में जीत दर्ज की। वहीं टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 2 मैचों में कप्तानी की, जिसमें एक जीत और एक हार मिली।
तीनों प्रारूपों में बनाए 8,414 रन
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। तीनों प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने 35.95 की औसत से 8,414 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 15 शतक और 51 अर्धशतक निकले।
आईपीएल में छह फ्रेंचाइजियों का किया प्रतिनिधित्व
रहाणे ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी फ्रेंचाइजियों का प्रतिनिधित्व किया।
उन्होंने 212 आईपीएल मैचों में 5,367 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 35 अर्धशतक शामिल रहे। पिछले आईपीएल सीजन में वह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की कप्तानी भी कर चुके थे।
ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत बनी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि
अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे को माना जाता है। एडिलेड टेस्ट में हार और विराट कोहली की अनुपस्थिति के बाद उन्होंने टीम इंडिया की कमान संभाली।
मेलबर्न टेस्ट में शानदार शतक लगाकर उन्होंने भारत को सीरीज में वापसी दिलाई। इसके बाद युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में 2-1 से टेस्ट सीरीज में हराया। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है और रहाणे की कप्तानी हमेशा याद रखी जाएगी।
