68500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति लागू कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अभ्यर्थियों ने सोमवार के बाद लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास का घेराव किया।
सोमवार को लगे ‘राजभर चाचा न्याय करो’ के नारे, पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप
सोमवार को अभ्यर्थियों ने मंत्री के मुख्य दरवाजे पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया और ‘राजभर चाचा न्याय करो’, ‘ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है’ जैसे तीखे नारे लगाए। करीब आधे घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने अभ्यर्थियों को जबरन टांगकर गाड़ियों में भरा और उन्हें ईको गार्डन भेज दिया। इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों के कपड़े तक फट और जाम लंबा जाम लग गया।
मंगलवार को फिर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी
सोमवार के प्रदर्शन के बाद मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मीडिया में बयान दिया था कि 68500 शिक्षक भर्ती का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मंत्री के इसी बयान से नाराज अभ्यर्थियों ने मंगलवार को एक बार फिर उनके आवास का घेराव कर दिया। अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि मंत्री गलतबयानी कर रहे हैं; वर्तमान में आरक्षण का यह मुद्दा किसी भी कोर्ट में पेंडिंग नहीं है।
आश्वासन मिला, पर पुलिस ने भेजा पुलिस लाइन
मंगलवार को दोबारा हुए घेराव के बाद मंत्री राजभर ने अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक अक्टूबर को मुलाकात कराने और शासन स्तर पर मसले के हल का आश्वासन दिया। हालांकि, प्रदर्शन बढ़ता देख पुलिस प्रशासन ने एक्शन लेते हुए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह समेत कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
क्या है अभ्यर्थियों की मुख्य मांग?
आंदोलनकारियों का कहना है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने OBC वर्ग के उन अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की संस्तुति की है, जिन्होंने 150 में से 60 अंक (40%) या उससे अधिक पाए हैं। आयोग के इस फैसले से OBC के साथ-साथ दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को भी हक मिलेगा। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक आयोग के आदेश का पालन नहीं होता और धांधली करने वाले अफसरों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
