वकीलों के अवैध चैंबरों पर नगर निगम 4 अक्टूबर को बुलडोजर चलाएगा। सिविल कोर्ट और उसके आस-पास करीब 150 वकीलों के अवैध चैंबर और निर्माण तोड़े जाने हैं। उच्च न्यायालय के 10 सितंबर 2026 के आदेश पर नगर निगम 22 सितंबर को इन अवैध निर्माणों पर नोटिस चस्पा कर चुका है। जिसमें 3 अक्टूबर तक सार्वजनिक भूमि, नाला, नाली, सड़क, फुटपाथ आदि पर किये गए अवैध निर्माण को स्वयं हटा लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एक हफ्ते में अवैध चैंबरों और दुकानों से सम्बंधित दस्तावेज नगर निगम जोन 1 कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया था।
इसके बाद भी 27 सितंबर तक एक भी अवैध कब्जेदार ने नोटिस का जवाब नहीं दिया और न ही आपत्ति दाखिल की। जिसके बाद नगर निगम जोन 1 के जोनल अधिकारी ओपी सिंह ने सोमवार को सार्वजनिक सूचना के माध्यम से 3 अक्टूबर तक निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के साथ जवाब देने का समय दिया है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण न हटाने पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ 4 अक्टूबर को अभियान चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त किये जाएंगे। अतिक्रमण हटाने पर आने वाला खर्च भी वसूला जाएगा।
सिविल कोर्ट के आस-पास तोड़े जाने हैं 150 अवैध निर्माण
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद नगर निगम कुल 71 अवैध निर्माण तोड़ चुका है। 17 मई को 14 और 31 अगस्त को 57 चैंबर और अवैध निर्माण नगर निगम ने तोड़ दिए थे। अब सिविल कोर्ट और आस-पास करीब 150 अवैध निर्माण तोड़े जाने हैं। इनमें वकीलों के अवैध चैंबर और दुकानें शामिल हैं। उच्च न्यायालय ने इस सम्बंध में 10 सितंबर को आदेश भी जारी कर दिया है।
