वाराणसी कोर्ट का ऑर्डर मुस्लिम इंस्टिट्यूशन पर हमला; उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट न्याय करेगा:ओवैसी

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(www.arya-tv.com) हैदराबाद   के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ज्ञानवापी मस्जिद मसले पर वाराणसी की अदालत के आदेश को अवैध बताया है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट न्याय करेगा और इस पर पूरी तरह से रोक लगाएगा। वाराणसी की अदालत ने परिसर के अंदर सर्वेक्षण स्थल को सील करने का आदेश दिया है, यह 1991 के एक्ट का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि कोर्ट का ऑर्डर मुसलमानों के इंस्टिट्यूशन पर हमला है।

हिंदू पक्ष सर्वे के दौरान वजू के स्थान पर शिवलिंग मिलने का दावा कर रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से कहा कि अगर वहां शिवलिंग मिला है तो उसे सुरक्षित रखें, लेकिन नमाज को रोकना सही नहीं है।

SC का वाराणसी कोर्ट की कार्यवाही पर रोक से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ज्ञानवापी मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्ष की याचिका सुनते हुए वाराणसी कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने साफ कर दिया कि मुस्लिम समुदाय को मस्जिद में नमाज पढ़ने से न रोका जाए। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर नोटिस जारी कर हिंदू पक्ष से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 19 मई को होगी।

सुप्रीम कोर्ट में पहले दिन की सुनवाई में क्या हुआ
सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई। मुस्लिम पक्ष ने दावा किया कि वजू बिना नमाज संभव नहीं है। इस पर यूपी सरकार ने जवाब दिया कि वजू कहीं भी कर सकते हैं।

अहमदी : वाराणसी कोर्ट ने नमाजियों की संख्या सीमित कर दी। हमने वहां आवेदन दिया है।
जस्टिस चंद्रचूड़ : हम कोर्ट को जल्द निपटारे का आदेश देंगे।
अहमदी : अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट सभी धर्मस्थलों पर लागू होता है। सर्वे रिपोर्ट जमा हुए बिना और मुस्लिम पक्ष को सुने बिना सीलिंग का आदेश दे दिया गया। इसे रद्द करना चाहिए।
जस्टिस चंद्रचूड़ : हम नोटिस जारी कर रहे हैं। सर्वे में शिवलिंग मिला है तो उसे संरक्षित करना चाहिए, लेकिन इसके लिए नमाज पढ़ने से न रोका जाए।
तुषार मेहता (यूपी सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल): शिवलिंग मस्जिद के वजूखाने में है। नमाज की जगह अलग है। मुझे तथ्यों की जानकारी लेनी है। तब आदेश दें। शिवलिंग को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

जस्टिस चंद्रचूड़: हम उस जगह की सुरक्षा का आदेश देंगे।
मेहता: हम यह भी चाहते हैं कि आपके आदेश का दूसरे पक्ष पर कोई अवांछित असर न पड़े।
अहमदी: कोर्ट ने संरक्षण का आदेश दिया तो उस जगह की स्थिति बदल जाएगी।
मेहता: किसी ने शिवलिंग पर पैर लगा दिया तो कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। वजू कहीं भी हो सकती है।
जस्टिस चंद्रचूड़: यूपी सरकार बताए कि जिस जगह शिवलिंग मिला, वह मस्जिद में कहां है?
मेहता: मैं पूरी स्थिति से वाकिफ नहीं हूं। कमीशन की रिपोर्ट देखने के बाद स्थिति साफ होगी।
अहमदी: सीलिंग के कारण नमाज बाधित की जा रही है।
जस्टिस चंद्रचूड़: हम नोटिस जारी कर रहे हैं और 19 मई को सुनवाई करेंगे। तब तक डीएम सुनिश्चित करें कि शिवलिंग को नुकसान न पहुंचे और नमाज बाधित न की जाए।

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