- LDA खत्म करने की मांग पर डॉ. सिंह का पलटवार, सपा शासनकाल की परियोजनाओं और Ansal प्रकरण को लेकर उठाए सवाल
लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को समाप्त करने की समाजवादी पार्टी की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए कहा कि लखनऊ को कथित तौर पर “City of Scams” की छवि देने वाली व्यवस्थाओं की जवाबदेही तय किए बिना LDA को कठघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ अधूरी परियोजनाओं और विवादित भूमि प्रकरणों से आगे बढ़कर “City of Dreams” बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
- Ansal प्रकरण में 3,489 बंधक भूखंडों का मुद्दा
डॉ. सिंह ने अंसल-सुशांत गोल्फ सिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि परियोजना सपा सरकार से पहले शुरू हुई थी, लेकिन सपा शासनकाल में इसकी प्रभावी निगरानी पर सवाल उठते हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अंसल ने LDA के पास 3,489 भूखंड बंधक रखे थे, जिनमें से 2,747 भूखंड बेचे जाने की बात सामने आई। मामले की जांच के दौरान बंधक जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल हुई और जून 2025 तक अंसल के खिलाफ दर्ज FIR की संख्या 224 तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी। डॉ. सिंह ने सवाल किया कि यदि बंधक भूखंडों की बिक्री हुई तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था उस समय प्रभावी क्यों नहीं रही और हजारों खरीदारों को रजिस्ट्री, कब्जे तथा मूलभूत सुविधाओं के लिए वर्षों तक क्यों परेशान होना पड़ा। LDA ने 2025 में अंसल परियोजना के भूमि रिकॉर्ड की जांच शुरू करने और विवादमुक्त भूखंडों के भवन मानचित्र स्वीकृत करने की प्रक्रिया भी शुरू की थी।
- JPNIC और गोमती रिवरफ्रंट को लेकर भी उठाए सवाल
JPNIC को लेकर डॉ. सिंह ने कहा कि परियोजना पर करीब ₹821.74 करोड़ खर्च होने के बावजूद यह लंबे समय तक अधूरी रही। उपलब्ध सरकारी निर्णयों और रिपोर्टों के अनुसार, 2025 में JPNIC को LDA के अधीन किया गया और बाद में 2026 में निजी भागीदारी के जरिए इसके संचालन का रास्ता साफ हुआ। वर्तमान व्यवस्था में चयनित संचालक को शेष कार्य अपने खर्च पर पूरा करना, ₹25 करोड़ की परफॉर्मेंस गारंटी देना और संचालन शुरू होने के बाद LDA को ₹6 करोड़ सालाना भुगतान करना है, जिसमें हर वर्ष 5 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। डॉ. सिंह ने सपा शासनकाल में JPNIC की लागत बढ़ने और परियोजना के अधूरे रहने को लेकर जवाबदेही का सवाल उठाया। उन्होंने गोमती रिवरफ्रंट परियोजना में भी लागत, निर्माण और कार्यान्वयन को लेकर उठे सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि लखनऊ को ऐसी विकास परियोजनाओं की जरूरत है जिनका लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचे।
- ‘अब विरासत सुधारने की दिशा में काम’
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि वर्षों से लंबित परियोजनाओं और विवादित भूमि मामलों का समाधान करना वर्तमान व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि Sushant Golf City मामले में LDA अब वैध आवंटियों के हितों की रक्षा और टाउनशिप के विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार LDA ने टाउनशिप को अपने नियंत्रण में लेकर विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही है। डॉ. सिंह ने कहा कि संस्थाएं अपने आप खराब नहीं होतीं, बल्कि राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रशासनिक लापरवाही जैसी व्यवस्थागत समस्याएं उनकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ अब अधूरी परियोजनाओं और विवादों से आगे बढ़कर पारदर्शिता, सुशासन, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर शहरी नियोजन के साथ “City of Dreams” बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
