लखनऊ कोर्ट में हुए हमले को लेकर एक्शन में पुलिस, 3 अधिवक्ताओं की तलाश में 10 टीमें कर रहीं छापेमारी

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लखनऊ। सिविल कोर्ट परिसर में भाइयों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपी तीन अधिवक्ताओं की तलाश में वजीरगंज पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम समेत 10 पुलिस टीमें लखनऊ और आसपास के जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं। मामले में हाईकोर्ट ने चार अधिवक्ताओं सौरभ कुमार वर्मा, हर्षित पांडेय, यश पांडेय और अभय प्रताप वर्मा को 24 अगस्त तक सिविल कोर्ट परिसर में प्रवेश से प्रतिबंधित करने का आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस कमिश्नरेट ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है।

40-50 लोगों पर दर्ज है मुकदमा

पुलिस के मुताबिक, अधिवक्ता सौरभ कुमार वर्मा और उनके साथियों हर्षित पांडेय, यश पांडेय, अभय प्रताप वर्मा समेत 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ वजीरगंज कोतवाली में जानलेवा हमले के दो मुकदमे दर्ज हैं। कैसरबाग क्षेत्र निवासी शाकिर ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि 21 जुलाई को वह अपने भाइयों के साथ एक मुकदमे की पैरवी के लिए सिविल कोर्ट पहुंचे थे। वहां आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन एसोसिएशन कार्यालय ले गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की।

हाईकोर्ट ने दिए थे सख्त निर्देश

मामले का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट की पीठ ने पूरे प्रकरण पर कड़ा रुख अपनाया था। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला ने आरोपियों के खिलाफ आईबी की गोपनीय जांच कराने, पिछले 10 वर्षों के आयकर रिटर्न और संपत्ति का विवरण पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा पीड़ित भाइयों को सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया गया था।

लखनऊ समेत छह जिलों में तलाश जारी

वजीरगंज इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी के अनुसार, आरोपी सौरभ कुमार वर्मा ने 25 जुलाई को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। वहीं, अन्य तीन आरोपी अधिवक्ताओं की तलाश में पुलिस टीमें लखनऊ के अलावा बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली, हरदोई और खीरी जिलों में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।