क्‍या सच में अमेरिका के लिए जासूसी कर रहे थे चीन के पूर्व विदेश मंत्री, रूस ने किया भंडाफोड़, इनसाइड स्‍टोरी

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(www.arya-tv.com) जून से ही पूरी दुनिया में चीन के पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग के गायब होने का हल्‍ला मचा हुआ था। अब जो खबरें आ रही हैं, वो वाकई चौंकाने वाली है। अमेरिकी और ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्ट्स पर अगर यकीन करें तो गैंग की हत्‍या करवा दी गई है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने धोखे के चलते गैंग की हत्‍या करवा दी है।

कहा जा रहा है कि चीनी अधिकारियों ने उन्‍हें यातना देकर मौत के घाट उतार दिया है। न सिर्फ गैंग बल्कि चीन के पूर्व पीएम ली केकियांग, पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और कई अधिकारियों की भी हत्‍या का दावा किया जा रहा है। आखिर है जासूसी और धोखे की वह कहानी जिसकी वजह से गैंग की हत्‍या का दावा किया जाने लगा है।

रूस ने किया था आगाह

अमेरिकी मैगजीन पॉलिटिको की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि टॉप चीनी अधिकारियों से जुड़े सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि रूस के उप-विदेश मंत्री रुडेंको ने चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को एक संदेश भेजा था।

इस मैसेज के साथ ही उन्‍होंने आरोप लगाए थे कि किन और चीन की रॉकेट फोर्स से जुड़े अधिकारियों ने चीन के परमाणु सीक्रेट्स के बारे में कई राज पश्चिमी इंटेलीजेंस एजेंसियों को बताए हैं। जून में जब गैंग गायब हुए तो उनके अफेयर की खबरें सामने आने लगी।

कहा गया कि गैंग के चीनी ब्रॉडकास्‍टर फीनिक्‍स टीवी की रिपोर्टर फू जियाओटियन के साथ अफेयर चल रहा है। कुछ लोगों की मानें तो ये कहानियां झूठी थीं। कहा तो यहां तक गया कि जियोओटियन और किन का एक बेटा है जो अब एक अमेरिकी नागरिक है।

चीन का प्रपोगेंडा सिस्‍टम

कुछ लोगों की मानें तो चीन के साइबर सेंसर की मंजूरी के बाद इन कहानियों को आगे बढ़ाया गया था। फू ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के ब्रिटेन की इंटेलीजेंस एज‍ेंसियों के लिए एक पारंपरिक जगह माना जाता है।

फु और किन की मुलाकात एक दशक से भी ज्‍यादा समय से पहले हुई थी। उस समय किन को लंदन में चीनी दूतावास में तैनात किया गया था। साल 2016 में, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने एक बगीचे का नाम फू के नाम पर रखा था। यह फू के लिए एक तोहफे की तरह था जिसके तहत उन्‍हें कम से कम 250000 पौंड मिले थे।

यह किसी भी जर्नलिस्‍ट के लिए एक बहुत बड़ी राशि थी। किन के गायब होने से पहले फू ने सोशल मीडिया पर किन को अपने बच्चे का पिता बताया। फू अप्रैल में एक सरकारी-चार्टर्ड प्राइवेट जेट से चीन वापस चली गईं। तब से ही उनका कुछ अता-पता नहीं है।

कई और अधिकारी भी हुए गायब

सूत्रों का कहना है कि फू के अचानक गायब होने का असली कारण किन का कई गंभीर घोटालों में शामिल होना था। इनमें पूर्व रक्षा मंत्री और चीन के ‘रॉकेट फोर्स’ की कमान संभालने वाले जनरल तक शामिल थे। ये वो लोग थे जो देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम की देखरेख करते हैं।

किन के गायब होने और रॉकेट फोर्स के शीर्ष कमांडर ली युचाओ, उनके डिप्‍टी लियू गुआंगबिन और पूर्व डिप्‍टी झांग झेंझोंग के गायब होने की टाइमिंग भी एक ही थी। सरकारी मीडिया की मानें तो रॉकेट फोर्स के कई और सीनियर कमांडर और पूर्व अधिकारियों को भी हिरासत में लिया गया।

साथ ही कम से कम एक पूर्व डिप्‍टी कमांडर की अचानक किसी बीमारी से मौत हो गई। लापता कमांडरों को औपचारिक रूप से निकाल दिया गया और उनके स्थान पर नेवी एयरफोर्स के अधिकारियों को नियुक्त किया गया।