डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में ‘नेट जीरो सरोजनीनगर 2040’ बना हरित विकास का नया मॉडल

Lucknow

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में शुरू किया गया ‘नेट जीरो सरोजनीनगर 2040’ अभियान अब पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक सफल जनआंदोलन बनता जा रहा है। वर्ष 2040 तक सरोजनीनगर को नेट जीरो उत्सर्जन वाला मॉडल विधानसभा क्षेत्र बनाने के लक्ष्य के साथ अभियान लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। “पर्यावरण संरक्षण से जलवायु नेतृत्व तक नया इतिहास रचता सरोजनीनगर” के संकल्प के साथ अब तक 20 हजार से अधिक नागरिक हरित भविष्य के निर्माण की शपथ ले चुके हैं।

  • द ग्रीन शिफ्ट ने दिया हरित भविष्य का संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित ‘द ग्रीन शिफ्ट : गोल्फ टूर्नामेंट अवॉर्ड्स-2026’ ने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का अनूठा संदेश दिया। कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। “खेल के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प” विषय पर आयोजित प्रतियोगिताओं में जूनियर, महिला और वेटरंस वर्ग सहित विभिन्न श्रेणियों के 23 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया तथा विजेताओं को 6 लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

  • नेट जीरो इंडस्ट्री से उद्योगों को मिली नई दिशा

अभियान के अगले चरण में वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना की उपस्थिति में ‘नेट जीरो इंडस्ट्री’ पहल का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को जलवायु संरक्षण और सतत विकास का सक्रिय भागीदार बनाना है। इसके अंतर्गत युवाओं के लिए सशक्तिकरण केंद्र स्थापित किए गए, जहां उन्हें पर्यावरणीय नेतृत्व और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

  • वृक्षारोपण, ईको-फ्रेंडली बैग और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

अभियान के तहत 500 धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व के वृक्षों का रोपण कर उन पर ट्री गार्ड लगाए गए। वहीं माँ तारा शक्ति सिलाई केंद्रों के माध्यम से 30 हजार से अधिक ईको-फ्रेंडली बैग तैयार कर लगभग 50 विद्यालयों एवं सामाजिक कार्यक्रमों में वितरित किए गए। इससे प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के साथ महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर भी मिला।

  • वन्यजीव संरक्षण में भी निभाई अग्रणी भूमिका

‘एनवायरमेंट वॉरियर्स – द गार्डियंस ऑफ द ग्रीन’ अभियान के माध्यम से तराई क्षेत्र में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, काटर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य, किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य और दुधवा नेशनल पार्क सहित प्रमुख क्षेत्रों में 9 वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन कार्यक्रम आयोजित किए गए। वनकर्मियों को 250 साइकिलें, 2000 जैकेट, 100 दूरबीन और 2 इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध कराए गए तथा 25 उत्कृष्ट वनकर्मियों को सम्मानित किया गया।

  • शिक्षा, जल संरक्षण और युवाओं के लिए नई पहल

पर्यावरण अभियान को सामाजिक विकास से जोड़ते हुए दो प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और डिजिटल लर्निंग सेंटर स्थापित किए गए। वन्यजीवों के लिए सोलर पावर्ड वाटर पंप लगाए गए। साथ ही 30 सिलाई मशीनें वितरित कर तीन तारा शक्ति सिलाई केंद्र स्थापित किए गए। पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए क्विज और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें 5 लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

  • “हरित भविष्य ही सच्चा विकास” : डॉ. राजेश्वर सिंह

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि “विकास तभी सार्थक है, जब आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित वन्यजीव और हरित भविष्य मिले।” उन्होंने कहा कि ‘नेट जीरो सरोजनीनगर 2040’ केवल एक पर्यावरणीय अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य का व्यापक संकल्प है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी, उद्योगों के सहयोग और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी से सरोजनीनगर देश के लिए हरित विकास का आदर्श मॉडल बनेगा।