शरीर आत्मा का रथ – योगगुरू स्वामी योगानंद
शरीर आत्मा का रथ — योगगुरू स्वामी योगानंद मनुष्य शरीर को रथ मानो। इस रथ का मालिक आत्मा है, जो रथ में बैठी है। रथ में घोड़े हैं, इनको इन्द्रियाँ मानो। घोड़ों की लगाम मन है। लगाम को बुद्धि ने थामा है, जो रथ का सारथी है। सारथी का कर्तव्य है आत्मा रूपी यात्री को […]
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