परिवहन निगम के बेडे़ को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने 400 करोड़ रु0 की पूंजी उपलब्ध करायी: मुख्यमंत्री

Lucknow
  • मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहन क्रेताओं के बैंक खातों में सब्सिडी धनराशि का ऑनलाइन अन्तरण, इण्टरसेप्टर वाहनों, सड़क सुरक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु प्रचार वाहनों तथा परिवहन निगम की नवीन बी0एस0-6 डीजल बसों का फ्लैग ऑफ किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रय सब्सिडी योजना के अन्तर्गत 4100 इलेक्ट्रिक वाहन क्रेताओं के बैंक खातों में सब्सिडी धनराशि का ऑनलाइनअन्तरण किया। इस अवसर पर उन्होंने 10 इलेक्ट्रिक वाहन क्रेताओं को सब्सिडी धनराशि का प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किया। उन्होंने परिवहन विभाग के प्रवर्तन दलों हेतु 38 इण्टरसेप्टर वाहनों, सड़क सुरक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु 12 प्रचार वाहनों तथा परिवहन निगम की 51 नवीन बी0एस0-6 डीजल बसों का फ्लैग ऑफ किया।
कार्यक्रम के दौरान परिवहन विभाग और वाहन निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी लि0 के मध्य ड्राइविंग, ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग इन्स्टीट्यूट (डी0टी0टी0आई0) के ऑटोमेशन व मेन्टेनेन्स हेतु तथा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मध्य ग्रामीण महिलाओं को हल्के व भारी वाहनों को चलाने के प्रशिक्षण के सम्बन्ध में एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित किया गया।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पाॅलिसी मंे सरकार द्वारा 20 लाख रुपये तक का इंसेंटिव भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका लाभ लोगों को लेना चाहिए। इन वाहनों में डीजल आदि का खर्चा नहीं होता। एक अनुमान के अनुसार प्रदेश में 01 लाख इलेक्ट्रिक बसों की आवश्यकता है। यदि प्रत्येक गांव को इसकी सुविधा से जोड़ा जाए तो 01 लाख अतिरिक्त बसें चाहिए। वर्तमान में केवल उत्तर प्रदेश में ही 02 लाख इलेक्ट्रिक बसों की आवश्यकता है। इनके माध्यम से रोजगार का सृजन भी होगा और लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधा भी मिलेगी। इनसे धुंआ तथा शोर नहीं होता। इन बसों के माध्यम से कार्बन एमिशन को शून्य तक पहुंचाने के प्रधानमंत्री जी विजन को भी पूरा कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि सभी पेट्रोल पम्पों पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने चाहिए। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने, सड़क दुर्घटना रोकने के लिए किये जा रहे प्रयासांे को आगे बढ़ाने तथा पेट्रोल पम्पों पर चार्जिंग स्टेशन बनाये जाने के कार्याें में उत्तर प्रदेश को नेतृत्व प्रदान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 16 मण्डलीय मुख्यालय वाले जनपदों में आई0टी0आई0 परिसर में ड्राइविंग टेªनिंग एवं टेस्टिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसके माध्यम से प्रदेश में दक्ष एवं कुशल चालकों को तैयार किया जाएगा। इसमें एक जनपद को छोड़कर अन्य स्थानों पर कार्य पूरा किया जा चुका है। इन इंस्टीट्यूट्स के टेस्टिंग टैªक की डिजाइन सेन्ट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ रोड ट्रांसपोर्ट, पुणे द्वारा तैयार की गयी है। वर्तमान में इन इंस्टीट्यूट्स में मैनुअल टेस्टिंग के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस निर्गमन का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि उ0प्र0 परिवहन विभाग और ड्राइविंग टेªनिंग एवं टेस्टिंग इंस्टीट्यूट (डी0टी0टी0आई0) के आॅटोमेशन/मेन्टेनेन्स हेतु वाहन विनिर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी लि0 के साथ आज यहां एम0ओ0यू0 सम्पन्न हुआ है। इसके अन्तर्गत देश की प्रमुख वाहन विनिर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी लि0 द्वारा 05 डी0टी0टी0आई0-गोरखपुर, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज एवं मथुरा के टेस्टिंग  का ऑटोमेशन वीडियो एनालेटिक बेस्ड कैमरे के माध्यम से किया जाएगा। परिवहन विभाग एवं मारुति सुजुकी लि0 के मध्य यह एम0ओ0यू0 07 वर्ष के लिए हस्ताक्षरित किया गया है। एम0ओ0यू0 के तहत प्रति इंस्टीट्यूट लगभग 02 करोड़ रुपये सी0एस0आर0 से मारुति सुजुकी लि0 द्वारा वहन की जाएगी। मारुति सुजुकी लि0 द्वारा 03 वर्ष तक निःशुल्क मेटेनेन्स भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने इसे एक अच्छी शुरुआत बताते हुए मारुति सुजुकी का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दयाशंकर सिंह, मुख्य सचिव  दुर्गा शंकर मिश्र, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त  मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव परिवहन  एल0 वेंक्टेश्वर लू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।