बरेली के किसानों से धोखाधड़ी! यूपी के पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री पन्नालाल कश्यप गिरफ्तार

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यूपी के बरेली में किसानों से जमीन खरीद के नाम पर कथित रूप से धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पन्नालाल कश्यप को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पन्नालाल पर बरेली समेत विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के करीब 38 मुकदमों की बात सामने आई है। मूलरूप से गाजियाबाद के रहने वाले पन्ना को पुलिस एक अरसे तलाश रही थी।

गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र के गढ़ी के रहने वाले पन्नालाल कश्यप बसपा के वर्ष 2007 के शासनकाल में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे हैं। वह गंभीर आरोपों में घिरे थे। भोजीपुरा समेत कई थानों में उनके खिलाफ मुकदमें दर्ज हैं। पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री पर आरोप है कि वह एक ऐसे गिरोह का हिस्सा थे, जो किसानों की जमीन खरीदकर उनके साथ धोखाधड़ी करता था।

फैक्ट्री लगाने के नाम पर खरीदी जाती जमीन 

पुलिस जांच से पता चला है कि पन्नालाल कश्यप का गिरोह उद्योग स्थापित करने के बहाने से जमीनें खरीदता था। किसानों से कहा जाता था कि उनकी जमीन पर फैक्ट्री लगेगी या होटल बनाया जाएगा। इसके बाद जब भुगतान की बारी आती तो किसानों को टरकाया जाता। परेशान करते और बाद में धमकाया भी जाता।

लगती गई मुकदमों की झड़ी 

पन्नालाल कश्यप के खिलाफ बरेली समेत कई जगहों पर एक के बाद एक करीब 38 मुकदमें दर्ज हो गए। भोजीपुरा और मीरगंज थाना क्षेत्र में ही कई एफआईआर हैं। किसानों की बढ़ती शिकायतों के बाद पुलिस ने जब जांच की तो गंभीर मामला निकला। एसएसपी अनुराग आर्य ने क्राइम ब्रांच से मामले की जांच कराई और उसके बाद अब ये कार्रवाई सामने आई है।

मेरठ से किया गिरफ्तार 

बरेली क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने आरोपी पन्नालाल कश्यप की गिरफ्तारी के लिए उनके गृह-जनपद गाजियाबाद में भी दबिश दी। लेकिन वहां नहीं मिले। इसके बाद मेरठ में लोकेशन मिली। क्राइम ब्रांच ने उन्हें मेरठ में दबोच लिया। इसके बाद आरोपी को बरेली लेकर आया गया, यहां न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

तीन साल तक नहीं लिखी रिपोर्ट 

किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामले में तीन साल तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई। किसान भटकते रहे। लेकिन पन्नालाल कश्यप के प्रभाव के चलते उन्हें अनसुना किया जाता रहा। तत्कालीन डीआईजी राकेश कुमार सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य तक शिकायतें पहुंचीं तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। न सिर्फ एफआईआर दर्ज हुईं, बल्कि जांच के बाद अब बड़ी कार्रवाई भी सामने आ गई है।