यूपी के बरेली शहर में सफाईकर्मियों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वेतन कटौती से आह्त कर्मचारी द्वारा नगर स्वास्थ्य अधिकारी को चूड़ियां भेंट करने के मामले में एफआईआर दर्ज होने से आक्रोशित सफाईकर्मी बुधवार को सड़कों पर उतर आ गए। सफाई का बहिष्कार कर दिया। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली गाड़ियों से पूरे शहर में कूड़ा फैला दिया। एफआईआर रद्द न होने और वेतन मुद्दे का समाधान न होने तक कार्यबहिष्कार ऐलान किया है। सफाईकर्मियों के कार्य बहिष्कार और शहर में कूड़ा फैलाने ने निगम में हलचल मचा दी। आमजन भी दंग रह गए। शहर की सड़कों पर गंदगी ने निगम के साथ आम शहरियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार वाल्मीकि के नेतृत्व में बुधवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने उग्र प्रदर्शन की राह चुनी। शहर के वार्डों में कामकाज ठप कर दिया। बाकरगंज से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन गाड़ियां लेकर शहर में पहुंचे। चौपला, सैटेलाइट, कटरा चांद खान, बदायूं रोड, शहामतगंज आदि इलाकों में बीच सड़क पर कूड़ा फैलाया।
जिलाध्यक्ष आशीष कुमार वाल्मीकि ने कहा कि उनकी मांग है कि शासनादेश के आधार पर वेतन दिया जाए। इस संबंध में कई बार नगरायुक्त को ज्ञापन दे चुके हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि निगम ठेकेदारों की गोद में बैठ गया है। हमारी कोई सुनने को तैयार नहीं है। अब सफाईकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। हमारी तरफ से भी तहरीर दी गई है, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं हुई। हमारी यही मांग है कि हमारी एफआईआर दर्ज की जाए और वेतन का मुद्दा सुलझाया जाएगा। जब तक ये नहीं होगा शहर में सफाई का काम ठप रहेगा।
अधिकारी पर चूड़ियां फेंकने पर एफआईआर
नगर निगम में वेतन कटौती से नाराज एक सफाईकर्मी नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पास शिकायत लेकर पहुंचा। आरोप है कि उसने अधिकारी पर चूड़ियां फेंकी और अभद्रता की। ये मामला काफी तूल पकड़ गया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी की तहरीर पर सफाईकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार समेत 6 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। इसके विरोध में सफाईकर्मियों ने भी थाने में तहरीर दी। इस तरह निगम और आउटसोर्स सफाईकर्मी में टकराव बढ़ता जा रहा है। बुधवार के दृश्य ने निगम की बेचैनी बढ़ा दी है।
