लखनऊ। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई तक राज्य ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक पंजीकरण कर 102.13 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। सरकार द्वारा तय 3,97,567 लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले 4,06,058 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। यह उपलब्धि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण को बेहतर बनाना है।
86.55 करोड़ रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, योजना के तहत अब तक 2,61,369 किस्तों के माध्यम से 86.55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और लाभ सीधे पात्र महिलाओं तक पहुंच रहा है।
पहली संतान पर ₹5,000, दूसरी बेटी पर ₹6,000 की सहायता
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली संतान के जन्म पर पात्र महिला को 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाती है, जिससे बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन और मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
डिजिटल मॉनिटरिंग से बढ़ी पारदर्शिता
राज्य सरकार ने योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाया है। आवेदन से लेकर सत्यापन और भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जा रही है। लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिल रही है।
सरकार ने उपलब्धि को बताया बड़ी सफलता
महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि लक्ष्य से अधिक पंजीकरण राज्य सरकार की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।
