आर्यकुल में विश्वकर्मा पूजा: संस्कृति, कर्म और तकनीकी शिक्षा का दिखा अनूठा संगम

Lucknow
  • प्रबंधन और फार्मेसी कॉलेज में प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब व उपकरणों की पूजा; विद्यार्थियों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा

लखनऊ। आर्यकुल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट तथा आर्यकुल कॉलेज ऑफ फार्मेसी एवं रिसर्च में गुरुवार को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रद्धा और उत्साह के साथ विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया। भगवान विश्वकर्मा को तकनीक, निर्माण और सृजनशीलता का प्रतीक मानते हुए आयोजित कार्यक्रम में पूरे परिसर में भक्ति और नवचेतना का वातावरण रहा। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीकी शिक्षा के समन्वय का संदेश दिया गया।

  • प्रयोगशालाओं और तकनीकी उपकरणों की विधिवत पूजा

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर दोनों संस्थानों की प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब, कार्यशालाओं तथा शिक्षण एवं तकनीकी उपकरणों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। वैदिक पंडितों के मंत्रोच्चारण के साथ सुंदरकांड पाठ और हवन कराया गया। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने पूजा में श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की।

आर्यकुल कॉलेज के प्रबंध निदेशक डॉ. सशक्त सिंह ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती हमें निर्माण, कौशल और सृजन की भारतीय परंपरा से जोड़ती है। तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उनमें नवाचार, अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों का समन्वय विद्यार्थियों के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला बन सकता है।

आयोजकों ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कर्म, कौशल, निर्माण और नवीनता के प्रति सम्मान का अवसर भी है। इसी विचार के साथ विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

  • कर्म, कौशल और सृजनशीलता की प्रेरणा

आर्यकुल कॉलेज ऑफ फार्मेसी एवं रिसर्च के प्राचार्य डॉ. आदित्य सिंह ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा विद्यार्थियों को कर्म, कौशल और सृजनशीलता के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती है। तकनीकी ज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। इन मूल्यों का समन्वय विद्यार्थियों को सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक होगा।

कार्यक्रम में आर्यकुल कॉलेज के रजिस्ट्रार सुदेश कुमार तिवारी, विभागाध्यक्ष बी.के. सिंह, डॉ. काशिफ शकील, प्रियंका केसरवानी, आस्था तिवारी, स्वर्णिम श्रीवास्तव सहित शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थानों में भारतीय परंपरा, कर्म संस्कृति और आधुनिक ज्ञान के बीच समन्वय का संदेश दिया।