- कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग विभाग एवं योग वेलनेस सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी एवं योग साधकों ने भाग लिया।
- योग को जीवनशैली बनाने का आह्वान
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत है, जो आज विश्व कल्याण का माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने सभी से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
- स्वस्थ समाज निर्माण में योग की अहम भूमिका
कार्यक्रम में प्रो. सनातन नायक ने कहा कि योग व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। नियमित योगाभ्यास से अनुशासन, आत्मविश्वास और मानसिक शांति प्राप्त होती है, जिससे स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
- योग विशेषज्ञों ने कराया अभ्यास
योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपेश्वर सिंह ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान की उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योग शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। सभी प्रतिभागियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत सामूहिक योगाभ्यास किया।
- बच्चों के योग-नृत्य ने बटोरी सराहना
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत योग-नृत्य रहा। बच्चों ने विभिन्न योग मुद्राओं और आसनों का आकर्षक प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति ने योग के महत्व का प्रभावी संदेश दिया और खूब सराहना प्राप्त की।
- योग कार्यशाला के प्रतिभागी हुए सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान योग कार्यशाला में भाग लेने वाले बच्चों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय में पिछले एक माह से चल रहे योग संबंधी कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और जागरूकता अभियानों को ‘योग महोत्सव’ के रूप में मनाया गया।
- गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा, डॉ. शरद सोनकर, प्रो. बी.सी. यादव, डॉ. सुनील गोरिया, डॉ. मनोज कुमार डडवाल, डॉ. नरेंद्र सिंह सहित अनेक शिक्षक, शोधार्थी, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में डॉ. दीपेश्वर सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
