गोरखपुरः शहर को 23 जुलाई को बड़ी विकास सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ टीपीनगर से पैडलेगंज तक बने शहर के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का लोकार्पण करेंगे। लगभग ₹429.49 करोड़ की लागत से तैयार यह परियोजना शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकसित की गई है।
2.6 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर, कई जिलों को मिलेगा लाभ
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, टीपीनगर-पैडलेगंज मार्ग पर बने इस फ्लाईओवर की लंबाई 2.6 किलोमीटर से अधिक है। इसके साथ देवरिया बाईपास को जोड़ने के लिए अतिरिक्त फोरलेन कनेक्टिविटी भी विकसित की गई है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने निर्माण कार्य पूरा कर लिया है और अब उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
नेपाल, बिहार और पूर्वांचल की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
यह मार्ग गोरखपुर के प्रमुख प्रवेश मार्गों में शामिल है। लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-28) और वाराणसी-प्रयागराज मार्ग से आने वाले वाहन इसी रूट से शहर में प्रवेश करते हैं। यही मार्ग सिद्धार्थनगर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर और पड़ोसी देश नेपाल की ओर जाने वाले यातायात के लिए भी महत्वपूर्ण है।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत
टीपीनगर, महेवा फल मंडी, रुस्तमपुर, देवरिया बाईपास और पैडलेगंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस सिक्सलेन फ्लाईओवर का निर्माण कराया गया। इसके शुरू होने के बाद इस पूरे कॉरिडोर पर रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल रही है। फ्लाईओवर के साथ देवरिया बाईपास की ओर फोरलेन लीफ कनेक्टिविटी भी तैयार की गई है, जिससे विभिन्न दिशाओं में यातायात और अधिक सुगम होगा।
जिलाधिकारी ने क्या कहा
गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि फ्लाईओवर के संचालन के बाद इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ अन्य जिलों और नेपाल-बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को भी तेज और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
