आर्यकुल कॉलेज में मनायी गयी छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती

Lucknow

(www.arya-tv.com)लखनऊ के बिजनौर स्थित आर्यकुल कॉलेज में छत्रपति शिवाजी महाराज जी की 394वाँ वर्षगाँठ मनायी गयीI छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक निदेशक डॉ. सशक्त सिंह ने दीप प्रज्वल्लित व माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर आर्यकुल महाविद्यालय में काव्य पाठ व नारा लेखन प्रतियोगिताएं का आयोजन किया गया। जिसमे बच्चों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

छात्र-छात्राओं ने तरह-तरह के नारों व काव्यों से लोगो में उत्साह भर दिया साथ ही साथ हमारे दिग्गाजों के साहस व त्याग को फिर से सबके सामने ताजा कर दियाI हम आपको बता दे कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को शवनेरी दुर्ग में मराठा परिवार में हुआ था जिनको हम शिवाजी भोंसले के नाम से भी जानते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज ने राष्ट्र को मुगल के चंगुल से आज़ाद करवा कर मराठा साम्राज्य की नीव रखी थी। मुगलों के खिलाफ युद्ध का बिगुल बजाने वाले की गौरव और शौर्य गाथा का भारत में खास स्थान है जो इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। छत्रपति शिवाजी महाराज द्वार एक प्रसिद्ध नारा दिया था “शत्रु चाहे कितना ही बलवान क्यो न हो, उसे अपने इरादों और उत्साह मात्र से भी परास्त किया जा सकता है” जो आज भी हमें प्रेरित करता है साथ ही हमारे इरादे भी बुलंद करता है।

इस अवसर पर आर्यकुल कॉलेज के प्रबंधक निदेशक डॉ. सशक्त सिंह ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की जीवन गाथा से हमें शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए उनके साहस, बलिदान, मनोबल को हमें अपने जीवन में उतारना चाहिए ताकि हम सभी हमारे दिग्गज सेनानियों की तरह अपने देश व अपने इस देश की परम्परा को सुरक्षित रख सकेIइस अवसर पर आर्यकुल ग्रुप ऑफ कॉलेज के फार्मेसी विभाग के उप निदेशक डॉ. आदित्य सिंह, फार्मेसी विभाग के एचओडी बी.के सिंह, प्रबंध- पत्रकारिता एवं शिक्षा विभाग की उप निदेशक डॉ. अंकिता अग्रवाल, शिक्षा विभाग के एचओडी प्रणव पांडे, शिक्षा विभाग के प्राचार्य एस.सी.तिवारी, के साथ अन्य शिक्षक गण, स्टाफ उपस्तिथ रहे।