Bareilly News : तीन दिन में शुगर ठीक! बरेली में आयुर्वेद की फर्जी कंपनी बनाकर कर रहे थे जान से खिलवाड़

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बरेली में आयुर्वेदिक दवाओं की एक फर्जी कंपनी पकड़ी गई है, जो कथित रूप से तीन दिन में शुगर ठीक करने का दावा करके दवाएं सप्लाई कर रही थी। कंपनी ऑनलाइन धंधा कर रही थी। पुलिस ने छापेमारी कर 75 प्रकार की दवाएं पकड़ी हैं और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की तलाश जारी है।

बारादरी पुलिस ने शनिवार को सैलानी में यादगार रेस्टोरेंट के पास से एक मकान पर छापा मारा। यहीं से आयुर्वेदिक दवाओं की फर्जी कंपनी ऑपरेट की जा रही थी। पुलिस ने यहां से  कई तरह की दवाएं, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्टानिक उपकरण बरामद किए हैं।

आरोप है कि एक वेबसाइट का भी पता चला है, जिसके जरिये दवाएं बेची जा रही थीं। गिरफ्तार आरोपियों में भोजीपुरा के जादोपुर का साजिद मालिक, बारादरी के एजाजनगर गौटिया का इस्लाम और पशुपति बिहार कॉलोनी का मो. जफर शामिल है।

आरोपियों के पास से पुलिस को 14 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप और 75 फर्जी दवा, फर्जी बिल और शिपिंग लेवल के साथ बेबसाइट का डाटा मिला है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज करके पूछताछ शुरु कर दी है।

तीन दिन में शुगर ठीक 

बारादरी थाना प्रभारी बिजेन्द्र सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी साजिद ने बताया कि उसके भाई रऊफ, रिजवान मियां जनपद पीलीभीत के पूरनपुर के निवासी हैं। उनके साथ मिलकर एक फर्जी कंपनी बनाई थी। जिससे वह आनलाइन बेबसाइट और टेली-कॉलिंग काल के माध्यम से आर्डर लेकर दवाएं सप्लाई कर रहे थे।

आरोपियों ने बताया कि शुगर के अलावा हर मर्ज की दवाएं उपलब्ध कराते थे। ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए अलग-अलग नामचीन कंपनियों के नाम के फर्जी बिल तैयार करके ऑर्डर के साथ भेज देते। जिसकी डुप्लीकेट कॉपी लैपटाप में और प्रिंटिड फाइल में अपने पास रख लेते थे। दवाईयां बनवाने और डिब्बों की पैकिंग का पूरा काम मेरा रऊफ और पार्टनर रिजवान देखते हैं।

सोशल मीडिया पर विज्ञापन

आरोपियों ने बताया कि सैलानी पर पिछले एक महीने से काम कर रहे हैं। इससे पहले सीबीगंज क्षेत्र से काम करते थे। आरोपी इस्लाम ने बताया कि वह कंपनी का पूरा टेक सपोर्ट देखता है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शुगर की बीमारी 3 दिन में 100 प्रतिशत ठीक करने के फर्जी विज्ञापन दिए जाते थे।

अल्मोड़ा में बताते कंपनी 

लोग विज्ञापन देखकर संपर्क करते थे। उन्हें कैश ऑन डिलीवरी के माध्यम से पार्सल भेज दिया जाता था। पार्सल पैक करके भेजने व कोरियर के माध्यम से डिलिवर कराने का काम मेरा रहता। ग्राहकों को बताया जाता कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हमारी दवा कंपनी है।