बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में पीएम आवास योजना के फार्मों का वेरिफिकेशन होने के बाद अब सामाजिक आर्थिक ऑडिट होगा। इसके लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला प्रशासन व नगर निगम गाइड लाइन बना रहा है।सुप्रीम कोर्ट ने बीती 24 फरवरी को हुई सुनवाई में बनभूलपुरा में रेलवे की 31 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण पर सुनवाई की। इसमें रेलवे भूमि पर अवैध बसे 4300 परिवारों व 50 हजार की आबादी को प्रधानमंत्री आवास समेत अन्य योजनाओं की जानकारी देना। उनका सामाजिक आर्थिक सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। इस प्रकरण में अगली सुनवाई अब 28 अप्रैल को प्रस्तावित है। वहीं, जिला प्रशासन व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का पीएम आवास योजना के आवेदन फार्मों का वेरिफिकेशन लगभग पूरा हो गया है।
अब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार अतिक्रमण की जद में आ रहे परिवारों व आबादी का सामाजिक आर्थिक अंकेक्षण किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इसमें परिवार की कुल वार्षिक आय, आय के स्रोत और स्थिरता, अचल संपत्ति जैसे घर का प्रकार (कच्चा/पक्का), भूमि के स्वामित्व, वाहन, और अन्य कीमती वस्तुएं, प्रभावितों की साक्षरता और शैक्षणिक योग्यता, वर्तमान नौकरी, मजदूरी या व्यवसाय की प्रकृति, जीवन स्तर जैसे भोजन की सुरक्षा, पीने का पानी, बिजली कनेक्शन, और शौचालय की सुविधा, सरकारी योजनाओं जैसे पेंशन, छात्रवृत्ति, या आवास योजनाओं का लाभ, सार्वजनिक व निजी बैंक से लिए गए ऋण आदि बिंदुओं पर ऑडिट किया जाएगा।
नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जिला प्रशासन के निर्देशन में सामाजिक आर्थिक सर्वे होगा। अभी इसको लेकर उच्च व विधिक अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। फिर ऑडिट की कार्यवाही होगी।
पीएम आवास योजना के आवेदनों का वेरिफिकेशन पूरा, बने पात्र व अपात्र
बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में 6882 आवेदनों वेरिफिकेशन लगभग पूरा हो गया है। इस वेरिफिकेशन में आवेदन में लगाए जाने वाले सभी जरूरी दस्तावेज, शपथ पत्र वगैरह की जांच की गई है। सभी आवेदकों को शपथ पत्र के बारे में बताया गया गया है। इसी के साथ ही योजना के लिए पात्र व अपात्रों की सूची भी बना दी गई है।
नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि 17 मार्च को बनभूलपुरा के सभी प्रभावित वार्डों में पीएम आवास योजना के फार्म बांटना शुरू किया गया था। 20 मार्च से चार अप्रैल तक क्षेत्र के छह चिह्नित स्थानों में कैंप लगाकर इन आवेदनों को जमा किया गया। कैंपों में लगभग 6882 आवेदकों ने फार्म भरे थे। फिर छह टीमें बनाकर आवेदनों के दस्तावेजों व आवेदकों की पात्रता का सत्यापन किया गया। बुधवार को यह सत्यापन लगभग पूरा हो चुका है। अब पात्र व अपात्र की सूची बना दी गई है जो उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।
