शरीर आत्मा का रथ – योगगुरू स्वामी योगानंद

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मनुष्य शरीर को रथ मानो। इस रथ का मालिक आत्मा है, जो रथ में बैठी है। रथ में घोड़े हैं, इनको इन्द्रियाँ मानो। घोड़ों की लगाम मन है। लगाम को बुद्धि ने थामा है, जो रथ का सारथी है। सारथी का कर्तव्य है आत्मा रूपी यात्री को उसके गंतव्य तक पहुँचाना। यदि रथ के घोड़ों की लगाम सारथी नहीं संभालेगा तो विषम रूपी रास्तों पर यह रथ कभी भी अपनी यात्रा पूरी नहीं कर सकता।

सारथी (बुद्धि) द्वारा यह यात्रा पूरी करते समय तीन पड़ाव आते हैं —

आदिनाथ
विश्वनाथ
अमरनाथ

पहला पड़ाव ‘आदिनाथ’ यह हमारी बौद्धिक शक्ति को बुद्ध और दृढ़ बनाता है। दूसरा पड़ाव ‘विश्वनाथ’ यह हृदय की संसार है, इसे सुंदर बनाना व इसकी सेवा करना है। तीसरा पड़ाव ‘अमरनाथ’ अपना स्वरूप है। मनुष्य को यहाँ पहुँचने पर ही कुछ भी करने या पाने की इच्छा नहीं रहती। इस यात्रा में मनुष्य को शारीरिक और मानसिक स्तर पर इस रथ रूपी शरीर को तैयार करना पड़ता है। शारीरिक और मानसिक दोनों कर्मेन्द्रियों की सामर्थ्य को यात्रा के लिए योग्य बनाना होता है। अतः निरंतर समर्थ बनाते रहना चाहिए। उनके विकास इसके लिए आवश्यक है।

इस शरीर रूपी रथ की देखभाल अति आवश्यक है। इसमें चार ग्लैंड सिस्टम हैं —

पिट्यूटरी
थायरॉयड
पीनियल
एड्रिनल

शरीर की प्रत्येक कोशिका इनके रंग और ढंग से प्रभावित होती है। शारीरिक संरचना द्वारा ऊर्जा तंत्र, चयापचय, प्रजनन, रक्त शर्करा, जल संतुलन, तनाव, पाचन, गर्भधारण, संकुचन आदि क्रियाएँ होती हैं। मानसिक संरचना भी इनके द्वारा सम्पन्न होती है। जैसे — मनोदशा, मनोविकार, तनाव व मानसिक अवसाद की अवस्था के संदर्भ माने जाते हैं।

अतः निष्कर्ष यह है कि हार्मोन ग्लैंड सिस्टम को स्वस्थ व संतुलित रखने के लिए शांत रहना, सुखद दृश्य से प्रभावित रहना, विपत्ति में धैर्य साहस के साथ सहज होकर समाधान करना आदि आवश्यक है। अन्यथा ग्लैंड हार्मोन अनियंत्रित होकर बहुत कम या अधिक मात्रा में बनते हैं। यही प्रत्येक बीमारी का मूल कारण है।

स्वस्थ रहने के प्रत्येक प्रयास को असफल होते हुए हम देखते हैं। सुकरात का कथन है कि “कोई भी कर लो, बीमारी, बुढ़ापा, मृत्यु तो आएंगे।” हमारा किया हुआ प्राणायाम, व्यायाम और आसन, सब क्षणिक प्रभाव ही उत्पन्न करते हैं।

(स्वामी योगानंद उर्फ सुरेन्द्र सिंह डबास मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं और सोशल मीडिया यूट्यूब Yog Yatra Yog Journey के माध्यम से लोगों को योग के क्षेत्र में जागरूक कर रहे हैं।)