कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए चर्चित कोचिंग संचालक प्रकाश चंद्र गुप्ता हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने आखिरकार सुलझा लिया है। कानून के रक्षक तब हैरान रह गए जब इस वीभत्स हत्याकांड के पीछे मृतक का ही 18 साल पुराना सबसे करीबी दोस्त मोहित द्विवेदी निकला। आरोपी ने महज सोने के आभूषणों के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के पास इस अंधे कत्ल का कोई सुराग नहीं था, लेकिन करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की कड़ियों को जोड़ने के बाद असली कातिल पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
5 लाख की गोल्ड चेन और ब्रेसलेट के लिए मर्डर
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि मृतक प्रकाश चंद्र गुप्ता अमूमन 5 लाख रुपये की भारी-भरकम सोने की चेन और कीमती ब्रेसलेट पहनते थे। कुछ समय पहले जब दोनों दोस्त खजुराहो घूमने गए थे, तभी से मोहित की नीयत इन जेवरातों पर खराब हो गई थी। उन आभूषणों को हड़पने के लिए ही उसने अपने जिगरी दोस्त की जान लेने का क्रूर फैसला किया।
‘क्राइम पेट्रोल’ देखकर बनाई बुर्के वाली योजना
पकड़े गए आरोपी मोहित ने पूछताछ में कबूला कि उसने इस हत्याकांड की रूपरेखा 15 दिन पहले से ही बनानी शुरू कर दी थी। पुलिस को चकमा देने और खुद को बचाने के लिए उसने टीवी और यूट्यूब पर ‘क्राइम पेट्रोल’ जैसे धारावाहिकों का सहारा लिया। पहचान छुपाने के लिए उसने बाजार से एक बुर्का, महिलाओं वाली चप्पलें और दस्ताने खरीदे, ताकि पुलिस को लगे कि हत्या किसी महिला ने की है। उसने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की बाकायदा रेकी भी की थी।
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि आरोपी बुर्का पहनकर कोचिंग सेंटर पहुंचा था ताकि कानून की आंखों में धूल झोंकी जा सके, लेकिन डीसीपी सेंट्रल की टीम ने कड़ी मेहनत कर 500 से अधिक फुटेज खंगाले और आरोपी को दबोचकर जेल भेज दिया।
शिक्षित है आरोपी, आईपीएल मैच के दौरान दिया वारदात को अंजाम
हैरानी की बात यह है कि हत्या का आरोपी मोहित द्विवेदी काफी पढ़ा-लिखा है; उसके पास बीएड, एमए और एलएलबी (कानून) की डिग्रियां हैं और वह अंग्रेजी का अच्छा जानकार है। दोनों दोस्त अक्सर साथ में बैठकर शराब पीते थे। 31 मई की रात को भी मोहित आईपीएल (IPL) का फाइनल मुकाबला देखने के बहाने प्रकाश के कोचिंग संस्थान में ही रुक गया था।
देर रात मौका मिलते ही उसने प्रकाश की बेरहमी से हत्या कर दी और जेवरात लेकर चंपत हो गया। वारदात के बाद उसने पुलिस को भ्रमित करने के लिए भागने के कई अलग-अलग रास्तों और कई ऑटो का इस्तेमाल किया था, लेकिन आखिरकार कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सका।
