आईएएस-आईपीएस अधिकारियों से सीधे संवाद करेंगे विद्यार्थी, युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान : डॉ. राजेश्वर सिंह

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  • योगी सरकार की अभिनव पहल का डॉ. राजेश्वर सिंह ने किया स्वागत, बोले—सही समय पर मिला मार्गदर्शन बदल सकता है विद्यार्थी का पूरा जीवन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर उपलब्ध कराने की पहल का सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस प्रयास को प्रदेश के युवाओं के सपनों, प्रतिभा और भविष्य को नई दिशा देने वाला दूरदर्शी कदम बताया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि विद्यालयों में वरिष्ठ अधिकारियों का नियमित संवाद केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास, लक्ष्यबोध और आगे बढ़ने की इच्छा को मजबूत करेगा। छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह अवसर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

  • सफल अधिकारियों से मिलकर विद्यार्थियों में बढ़ेगा आत्मविश्वास

पहल के तहत वरिष्ठ अधिकारी विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उन्हें भारतीय संघ लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, संयुक्त प्रवेश परीक्षा, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में जानकारी देंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार आधारित नए अवसरों से भी परिचित कराया जाएगा। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जब किसी गांव या छोटे कस्बे का विद्यार्थी अपने सामने किसी सफल अधिकारी को देखता है, उसकी संघर्ष यात्रा सुनता है और सीधे सवाल पूछता है, तो उसके भीतर एक नई सोच जन्म लेती है—“मैं भी कर सकता हूं, मैं भी आगे बढ़ सकता हूं।”

  • हर माह विद्यालयों में पहुंचेगा प्रशासनिक तंत्र

डॉ. सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक माह विद्यालय भ्रमण का कार्यक्रम, मंडलायुक्त स्तर से समीक्षा, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा समन्वय तथा शासन को नियमित रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था इस पहल को प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि योजना केवल सरकारी घोषणा बनकर न रह जाए, बल्कि विद्यार्थियों तक नियमित रूप से पहुंचे और उन्हें वास्तविक लाभ मिले।

  • सरोजनी नगर में पहले से जारी है युवाओं को अवसरों से जोड़ने की पहल

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनी नगर में भी लंबे समय से युवाओं को शिक्षा, कौशल, डिजिटल ज्ञान और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा केंद्रों के माध्यम से युवाओं को कंप्यूटर एवं डिजिटल शिक्षा के साथ सरकारी सेवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न अवसरों की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि आज के युवा को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है। उसे मार्गदर्शन, अनुभव, प्रेरणा और सफल लोगों से संवाद का अवसर भी मिलना चाहिए।

  • “सही मार्गदर्शन जीवन की दिशा बदल सकता है”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सही उम्र में मिला सही मार्गदर्शन किसी विद्यार्थी के पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है। प्रतिभा हर गांव और हर परिवार में मौजूद है, आवश्यकता केवल उसे पहचानने, तराशने और उचित अवसर देने की है। उन्होंने कहा कि युवाओं से संवाद, उनके सपनों को सही मार्गदर्शन और प्रतिभा को उचित अवसर देना ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगा। डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस अभिनव पहल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा जितना सक्षम, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार होगा, प्रदेश का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा।