तिकोनिया पार्क प्रदर्शन के बाद यूट्यूबर संजय यदुवंशी पर तीन मुकदमे, 2.5 लाख की संपत्ति नुकसान का आरोप

# ## UP

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संजय यदुवंशी के नेतृत्व में तिकोनिया पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज किए हैं। शुक्रवार रात दर्ज मामलों में सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने, महापुरुषों की प्रतिमाओं के अपमान, धार्मिक-सामाजिक भावनाएं आहत करने और बिना अनुमति भीड़ जुटाने के आरोप लगाए गए हैं। एक शिकायत में डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर फाड़कर पैरों से कुचलने का भी आरोप है। तीनों मामलों में संजय समेत सैकड़ों लोगों को आरोपी बनाया गया है।

ढाई लाख की संपत्ति क्षतिग्रस्त करने का आरोप

नगर पालिका परिषद के तिकोनिया पार्क प्रभारी सुशील कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में पार्क की बाउंड्रीवाल, गेट और लोहे-स्टील की जालियां तोड़ने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, स्वामी विवेकानंद पार्क की स्टेनलेस स्टील से बनी बाउंड्री और गेट को भी नुकसान पहुंचाया गया। नगर पालिका के आकलन में करीब 2.5 लाख रुपये की सार्वजनिक संपत्ति क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है। इस मामले में संजय यदुवंशी समेत 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।

आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने की शिकायत

करौदिया निवासी सुभाष सोनकर की तहरीर पर दर्ज दूसरे मुकदमे में संजय यदुवंशी, अंबुज यादव, शहजहान पठान और अनिल समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर फाड़कर हवा में उछाली गई और सड़क पर फेंककर पैरों से कुचली गई। इससे अनुसूचित जाति समाज की भावनाएं आहत होने की शिकायत की गई है। पुलिस ने इस मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है।

विवेकानंद और राजीव गांधी की प्रतिमाओं के अपमान का आरोप

भारत विकास परिषद के अध्यक्ष एडवोकेट अभय शर्मा की तहरीर पर दर्ज तीसरे मुकदमे में आरोप है कि बिना अनुमति सैकड़ों समर्थक पार्क में जुटे। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग स्वामी विवेकानंद और भारत रत्न राजीव गांधी की प्रतिमाओं पर चढ़ गए। शिकायत में परिसर में तोड़फोड़, धार्मिक चिह्नों, गेट और रेलिंग को नुकसान पहुंचाने तथा नारेबाजी के आरोप भी लगाए गए हैं। सड़क पर जाम लगने से आम लोगों और स्कूली बच्चों को परेशानी होने की बात कही गई है। इस मामले में संजय समेत 12 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

पुलिस कार्रवाई के विरोध में पांच घंटे चला था प्रदर्शन

विवाद की पृष्ठभूमि सितंबर में कोतवाली नगर क्षेत्र के तुराबखानी निवासी खान बाबा पर हुए जानलेवा हमले के मामले से जुड़ी है। इसी प्रकरण में सोमवार रात धम्मौर पुलिस ने संजय यदुवंशी के घर दबिश दी थी। संजय के परिजनों ने पुलिस पर दीवार फांदकर घर में घुसने और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया था। मंगलवार को अखिलेश यादव ने घटना का वीडियो एक्स पर साझा किया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।

गुरुवार को संजय ने मामले में अंतरिम जमानत ली। उसे 13 अक्टूबर को अदालत में पेश होना है। शुक्रवार को उसने पुलिस कार्रवाई के विरोध में तिकोनिया पार्क में करीब पांच घंटे प्रदर्शन किया। इसमें कई जिलों से लोग पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को चार सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। इसमें धम्मौर थाना प्रभारी समेत संबंधित पुलिसकर्मियों के निलंबन, पहले दर्ज मुकदमे की दोबारा जांच, शिकायतकर्ता शबीब रजा के खिलाफ एफआईआर और संजय पर दर्ज पुराने मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

एसपी विनीत जायसवाल ने तीनों मुकदमे दर्ज होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।