केदारनाथ में फिर टूटा पहाड़, चीरबासा में लैडंस्लाइड से रोकी गई पैदल यात्रा, गौरीकुंड में रोके गए यात्री

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देहरादून/रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा पर एक बार फिर प्रकृति की मार पड़ी है। शनिवार सुबह हिमालय की उच्च पर्वत मालाओं पर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के पैदल यात्रा मार्ग पर चीड़वासा में शनिवार सुबह भूस्खलन के कारण पहाड़ से गिरे पत्थरों के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस कारण फिलहाल यात्रा रोक दी गई है।

सुबह 7:22 बजे मिली रास्ता बंद होने की सूचना

मजदूर और बचाव टीम रास्ता साफ करने में जुटे हैं। जिला आपताकालीन परिचालन केन्द्र, रूद्रप्रयाग से मिली जानकारी के अनुसार आज प्रातः 07:22 बजे सेक्टर अधिकारी गौरीकुण्ड द्वारा अवगत कराया गया कि श्री केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा में मलवा पत्थर आने के कारण मार्ग अवरूद्ध हो गया है जिस कारण सुरक्षा के दृष्टिगत यात्रियों को गौरीकुण्ड में रोका गया है।

रास्ता खोलने में जुटे मजदूर और बचाव दल

मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग सक्रिय हो गया। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अवर अभियंता, पीडब्ल्यूडी, गुप्तकाशी द्वारा अवगत कराया गया कि मार्ग खोलने के लिए मजदूर लगे है। मौके पर बचाव दल और पुलिस बल भी मौजूद हैं। प्रशासन की प्राथमिकता मार्ग को सुरक्षित तरीके से खोलना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए रोकी गई आवाजाही

केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल रास्ता खुलने तक इंतजार करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहता। मार्ग से मलबा हटाने और स्थिति का आकलन करने के बाद ही आवाजाही बहाल किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल यात्रियों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी जाती है।

पहाड़ों में भूस्खलन बना चुनौती

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन के कारण सड़क और पैदल मार्ग अक्सर प्रभावित होते हैं। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी ऐसी घटनाएं श्रद्धालुओं की आवाजाही में बाधा पैदा करती हैं। चीड़वासा में ताजा भूस्खलन के बाद अब सभी की नजर मार्ग खोलने के प्रयासों पर है। प्रशासन की ओर से रास्ता सुरक्षित घोषित किए जाने और आवाजाही बहाल होने के बाद ही श्रद्धालु आगे बढ़ सकेंगे।