बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में साल 2021 के चर्चित प्रधान इशहाक हत्याकांड में मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुना दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने मंगलवार को मामले में दोषी पाए गए पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर कुल 3.90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, अदालत ने दो आरोपियों को साक्ष्यों की कमी की वजह से दोषमुक्त करार दिया।
चुनावी रंजिश बनी हत्या की वजह
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 मई 2021 को कैंट थाना क्षेत्र के परगवां निवासी शीवा ने अपने भाई और नव निर्वाचित ग्राम प्रधान इशहाक की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में कहा गया कि पंचायत चुनाव में जीत के बाद इशहाक से चुनाव हारने वाले मोहर सिंह और रतन लाल रंजिश रखने लगे थे।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इशहाक की गतिविधियों की जानकारी उसकी ममेरी बहन आशिया ने कथित तौर पर मोहर सिंह तक पहुंचाई थी।
घर लौटते समय किया गया हमला
घटना वाले दिन इशहाक अपनी पत्नी सकीना को दवा दिलाकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन्हें रोककर गोलीबारी कर दी। इस हमले में इशहाक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सकीना घायल हो गईं।
एफआईआर के मुताबिक, वारदात के समय इशहाक के पिता इश्तियाक अली और गांव के हसन असगर खेत में मौजूद थे और उन्होंने आरोपियों को घटनास्थल से भागते हुए देखा था।
सात आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट
पुलिस जांच में मोहर सिंह, भगवत पटेल, राहुल उर्फ धीरू, लोकेश पटेल, रतन लाल, राहुल और आशिया के नाम सामने आए। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी सात आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
इन पांच आरोपियों को हुई उम्रकैद
अदालत ने निम्नलिखित आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई—
- मोहर सिंह (गांव परगवां, थाना कैंट)
- भगवत पटेल (गांव सिंघई, थाना भुता)
- राहुल उर्फ धीरू (गांव लखोरा, थाना कैंट)
- लोकेश पटेल (मुड़िया अहमद नगर)
- आशिया (गांव परगवां)
साथ ही अदालत ने रतन लाल और उसके बेटे राहुल को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।
