परिषदीय विद्यालयों में शुरू हो गया “नारी शक्ति वंदन” अभियान, पहले दिन अभिभावकों का सम्मान और मानव श्रृंखला से जागरूकता

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प्रदेश के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में “नारी शक्ति वंदन” अभियान की शुरुआत गुरुवार से हो गई। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत करना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है।

अभियान के पहले दिन “नारी शक्ति सम्मान” कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत विद्यालयों में 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाली बालिकाओं के अभिभावकों को सम्मानित किया गया। वहीं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं और महिला शिक्षकों ने “नारी शक्ति” के संदेश को लेकर मानव श्रृंखला बनाकर समाज में जागरूकता फैलाई।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि यह अभियान बालिकाओं में आत्मविश्वास, सुरक्षा की भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 17 अप्रैल को आत्मरक्षा प्रदर्शन, समाज सेवा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें एनसीसी और स्काउट-गाइड की छात्राएं अनुशासन और साहस का प्रदर्शन करेंगी। साथ ही लोकगीत, लोकनृत्य, लघु नाटिका और खेलकूद प्रतियोगिताओं के जरिए छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा 20 अप्रैल को वाद-विवाद, निबंध, कविता और पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के विषय “विकसित भारत में नारी की भूमिका” और “सशक्त नारी-समृद्ध भारत” रखे गए हैं, जिनमें छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

विभाग की ओर से सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रमों का आयोजन पारदर्शी और प्रभावी ढंग से किया जाए, साथ ही अधिक से अधिक छात्राओं, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि नारी सम्मान और समानता का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंच सके।