भारतीय टीम के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का नाम मौजूदा दौर के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में शुमार होता है, लेकिन चोट ने उन्हें परेशान किया है. बुमराह अपनी सटीकता, रन रोकने और विकेट लेने की क्षमता की वजह खतरनाक माने जाते हैं.
नए साल में वापसी के बाद बुमराह वो बुमराह नहीं दिख रहे, जो पहले हुआ करते थे. पिछले साल विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद विंडीज दौरे पर वनडे और टेस्ट में खेले थे. इस दौर पर उन्हें चोट लगी और वह लंबे समय के लिए बाहर हो गए.
वेलिंग्टन में शुक्रवार को खेले जाने वाले चौथे टी-20 में जसप्रीत बुमराह के खेलने पर भी फैसला किया जा सकता है. हेमिल्टन में बुमराह महंगे साबित हुए थे. वह वनडे और टेस्ट टीम में भी शामिल हैं और उन पर काम के अधिक बोझ को देखते हुए उन्हें भी आराम दिए जाने की उम्मीद है.
बुमराह ने इस साल श्रीलंका के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की टी-20 सीरीज में वापसी. बुमराह इन दिनों न्यूजीलैंड दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा हैं. वापसी के बाद वह छह टी-20 और तीन वनडे खेल चुके हैं यानी कुल मिलाकर इन नौ मैचों में उन्होंने सिर्फ पांच विकेट निकाले हैं, हालांकि इस दौरान गुवाहाटी टी-20 रद्द हो गया था.
ये आंकड़े बुमराह की ख्याति के अनुरूप नहीं हैं. अपने करियर की शुरुआत से लेकर विश्व कप तक बुमराह वो गेंदबाज थे, जो टीम को शुरुआती ओवरों में सफलता दिलाते थे और फिर डेथ ओवरों में रनों पर अंकुश लगाने के साथ विकेट भी निकालते थे.
वापसी के बाद उनका यह रूप खोता दिखा है. ताजा उदाहरण बुधवार को हेमिल्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए तीसरे टी-20 मैच का. मैच सुपर ओवर में मैच गया और कप्तान विराट कोहली ने अपने बुमराह पर भरोसा दिखाया.
दाएं हाथ का यह ‘यॉर्करमैन’ सुपर ओवर में भरोसे पर खरा नहीं उतर सका और 17 रन लुटा बैठा. इस मैच में अगर न्यूजीलैंड पारी की बात करें तो भी बुमराह बेहद महंगे साबित हुए थे. उन्होंने चार ओवरों में 45 रन दिए थे, लेकिन विकेट नहीं निकाल पाए थे.
सुपर ओवर की बात करें, तो बुमराह अपने टी-20 करियर में पहली बार वह इतने महंगे साबित हुए हैं.
बुमराह ने पहली बार सुपर ओवर में 17 रन लुटाए हैं –
4 रन विरुद्ध गुजरात लॉयन्स, राजकोट 2017
8 रन विरुद्ध सन राइजर्स हैदराबाद, मुंबई 2019
17 रन विरुद्ध न्यूजीलैंड हेमिल्टन, 2020
ऐसा लग रहा है कि बुमराह की धार कुंद हो रही है. पिछले छह टी-20 मैचों में बुमराह ने सिर्फ चार विकेट लिये हैं. बुमराह ऐसे गेंदबाज कहे जाते थे कि जो अगर विकेट न निकाल पाए तो रनों पर अंकुश जरूर लगाता है, लेकिन यहां भी वह निराश करते दिख रहे हैं.
वापसी करते हुए श्रीलंका के खिलाफ खेले गए पहले मैच में उन्होंने आठ की औसत से रन लुटाए थे. न्यूजीलैंड दौरे पर पहले टी-20 में उन्होंने 7.75 की औसत से रन दिए . हालांकि अगले मैच में (1/21) वह कसी हुई गेंदबाजी करने में सफल रहे थे. जबकि तीसरे मैच में एकबार फिर महंगे (0/45) रहे.
तेज गेंदबाज चोट से आमतौर पर परेशान रहता है. विश्व क्रिकेट में ऐसे कई उदाहरण हैं. उम्मीद है कि बुमराह यहां से अपने प्रदर्शन में पुराना पैनापन लाएं और करियर में दोबारा खतरनाक बनकर उभरें.
