प्रदेश में 32,679 पदों पर होने वाली पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को नकलविहीन, पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडिय कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कड़े निर्देश जारी किए। बैठक में एडीजी एस.बी. शिरडकर ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल के 32,679 पदों पर भर्ती के लिए सभी 75 जिलों के 1180 केंद्रों पर लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा दो पालियों में होगी, 28,86,797 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
एसपी गोयल ने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी तैनात कार्मिक सत्यापित सरकारी कर्मचारी होंगे और उनकी नियुक्ति शत-प्रतिशत रैंडमाइजेशन के आधार पर की जाएगी, ताकि कर्मचारी एक-दूसरे से परिचित न हों और निष्पक्षता बनी रहे। इतना ही नहीं, सभी केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों और अन्य कार्मिकों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। बिना सत्यापन किसी भी व्यक्ति को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, किसी भी कर्मचारी के पास मोबाइल या अन्य गैजेट पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अप्रयुक्त कक्ष होंगे सील, केंद्रों का होगा सैनिटाइजेशन
केंद्र प्रभारी पुलिस अधिकारी प्रतिदिन परीक्षा केंद्रों का सैनिटाइजेशन कराएंगे। उपयोग में न आने वाले कक्षों को स्टैटिक मजिस्ट्रेट द्वारा विधिवत सील किया जाएगा।
10 दिन पहले उपलब्ध करानी होगी सभी कार्मिकों की सूची
जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा तिथि से कम से कम 10 दिन पूर्व सभी नामांकित कार्मिकों की सूची भर्ती बोर्ड, पुलिस और प्रशासन के नोडल अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सूची भी इसी अवधि में देनी होगी।
