बरेली। पश्चिमी बंगाल के बाद अब अगले साल यूपी में चुनाव होने हैं और इसे लेकर सियासी सरगर्मियां बढ़ती नजर आ रही हैं। समाजवादी पार्टी की मुस्लिम बोट बैंक पर निगाहों के बीच मुस्लिमों के बीच से ही कई तरह की आवाजें उठ रही हैं। समाजवादी पर भाजपा का डर दिखाकर मुस्लिमों के वोट बटोरने के आरोप लग रहे हैं।इटावा में सपा प्रमुख अखिलेश यादव केदारेश्वर मंदिर बनवा रहे हैं और इसी बीच बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शौहाबुद्दीन रजवी जैसे धर्मगुरू उनके खिलाफ मोर्चे सजा रहे हैं। सपा भी मौन नहीं बैठ रही और जवाबी हमले बोल रही है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच भगवा कैंप की ओर से भी बहस त्रिकोंणीय बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
समाजवादी पार्टी का का विकल्प सोचें मुसलमान: शहाबुद्दीन
बरेली। बंगाल में भाजपा सरकार बनने और ममता बनर्जी से सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मेल-मुलाकात के बाद मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मुसलमानों के नाम खुला पत्र जारी किया है। लिखा- सपा अध्यक्ष मुस्लिम मसाइल पर बोलने से कतरा रहे हैं और उनका सॉफ्ट हिन्दुत्व की ओर से झुकाव है। ऐसे में उलमा व बुद्धिजीवियों को गंभीर विमर्श की जरूरत है। याद होगा कि सपा संरक्षक नेताजी मुलायम सिंह ने यादव ने नरेन्द्र मोदी के दूसरी-तीसरी बार पीएम बनने की दुआ मांगी थी। अखिलेश यादव ने सीएम बनने पर योगी आदित्यनाथ को अपने घर में रहने का ऑफर दिया था। चुनावों में सपा मुसलमानों को भाजपा का डर दिखाकर वोट मांगती है और समाजवादी नेताओं की भाजपाइयों से मेलजोल की तस्वीरें भी खूब सामने आती हैं। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि मुस्लिम समाज सपा को वोट देता आया है, लेकिन अब विकल्प तलाशने की जरूरत है। आज मुस्लिम नेतृत्व कई अहम मुद्दों पर खामोश नजर आता है। समाज के के हितों को ध्यान में रखते हुए एकजुट होकर राजनीतिक निर्णय लेने ही पड़ेंगे।
सत्ता का मोहरे बन गए हैं मौलाना शहाबुद्दीन : सुल्तानी
बरेली। मुसलमानों के नाम पर मौलाना शहाबुद्दीन के पत्र को लेकर महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने जवाबी मोर्चा संभाला है। समाजवादी सुल्तानी ने कहा कि मौलाना की चिठ्ठी से सपा नेताओं में खासा रोष है। पलटवार करते हुए उन्होंने कहा मौलाना शहाबुद्दीन सस्ती लोकप्रियता के लिए आये दिन ऐसे बयान देते रहते हैं। कोई शक नहीं है कि मौलाना का भाजपा से अंदर खाने कोई समझौता हो गया हो! राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को किसी से सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं हैं। हम सब लोकतान्त्रिक देश के निवासी हैं। हमारा दल सेकुलरिज्म में भरोसा रखता है। मुस्लिमों की नहीं, सपा हर हर कमजोर वर्ग के हक की आवाज उठाती है। शहबुद्दीन जैसे लोग कठपुतली की तरह काम करते हैं, जिनकी डोर किसी और के हाथों में होती है। जागरूक मुसलमान जानते हैं कि उनको किसके साथ खड़ा होना है।
