गायत्री ज्ञान मंदिर के ज्ञान यज्ञ अभियान का 468वाँ पड़ाव, कृष्णा पब्लिक स्कूल के पुस्तकालय में स्थापित हुआ युगऋषि वाङ्मय

Lucknow
लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर, इंदिरा नगर के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अंतर्गत कृष्णा पब्लिक स्कूल, रतन खण्ड, बिजनौर रोड स्थित केन्द्रीय पुस्तकालय में युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों के 468वें युगऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर ज्ञानदान के माध्यम से विद्यार्थियों को आध्यात्मिक एवं नैतिक साहित्य उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया गया।
  • ज्ञानदान के रूप में भेंट किया सम्पूर्ण वाङ्मय

श्रीमती रूबी गुप्ता एवं श्री कुलदीप गुप्ता ने अपनी पुत्री सुश्री नैना गुप्ता के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ विद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय को युगऋषि वाङ्मय के सभी 79 खण्ड भेंट किए। साथ ही विद्यालय प्रबंधन को अमृतवाणी कैलेंडर तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भी प्रदान की गई।

  • “ऋषि का सद्ज्ञान जीवन जीने की कला सिखाता है”

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ऋषि का सद्ज्ञान जीवन जीने की कला सिखाता है।” उन्होंने कहा कि युगऋषि का साहित्य व्यक्ति के बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक विकास का प्रभावी माध्यम है तथा नई पीढ़ी में संस्कार, चरित्र और सकारात्मक सोच का निर्माण करता है।

  • वक्ताओं ने ज्ञान संवर्धन पर दिया बल

इस अवसर पर श्रीमती उषा सिंह, श्री कुलदीप गुप्ता और पद्मा गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से प्रेरणादायी साहित्य पढ़ने और उसे जीवन में अपनाने का आह्वान किया। विद्यालय के प्रबंधक एम.एल. यादव ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस साहित्य से विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों और व्यक्तित्व निर्माण की नई दिशा मिलेगी।

  • शिक्षक-छात्रों की रही उत्साहपूर्ण सहभागिता

कार्यक्रम में गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि उमानंद शर्मा, देवेन्द्र सिंह, उषा सिंह, रूबी गुप्ता, कुलदीप गुप्ता, नैना गुप्ता, विद्यालय के प्रबंधक एम.एल. यादव, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन ज्ञान, संस्कार और समाज निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।