शाहजहांपुर पुलिस के कारनामें लगातार सुर्खियां बन रहे हैं। सराफा व्यापारी को स्मैक तस्करी में फंसाने की धमकी देकर 2 लाख रुपये की वसूली करने का मामला अभी शांत भी नहीं पड़ा कि अब चौंकी इंचार्ज पर दुष्कर्म के एक आरोपी से 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का मामला सामने आ गया है। सराफा वसूली केस में दो सिपाही जेल जा चुके हैं। दो फरार हैं।
दुष्कर्म के आरोपी से रिश्वत मांगने के मामले में भी एसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है, जबकि एक सिपाही को लाइनहाजिर। मामला पुवायां थाना क्षेत्र के एक गांव का है। युवती ने मोहल्ले के ही एक व्यक्ति पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुवायां थाने के प्रभारी निरीक्षक ने मामले की विवेचना कस्बा पुवायां चौकी इंचार्ज महेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी थी।
एसपी के पास पहुंचीं आरोपी की पत्नी
आरोपी की पत्नी का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने मेरे परिवार से पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। चौकी इंचार्ज और सिपाही सुमित कुमार आरोपी की पत्नी को घर पर बार-बार जाकर हड़का रहे थे कि पांच लाख रुपये नहीं दिए तो आरोपी के बेटे को भी झूठे केस में बंद कर देगे।
आरोपी की पत्नी मंगलवार को एसपी से मिलीं। उसने चौकी इंचार्ज महेंद्र प्रताप सिंह और सिपाही सुमित की शिकायत की। पीड़िता ने आरोपी दरोगा की मोबाइल में की गई रिकाडिंग एसपी को सुनवाई।
सीओ की जांच के बाद एक्शन
एसपी सौरभ दीक्षित ने सीओ पुवायां प्रवीण मलिक को जांच सौंपी और तीन दिन में रिपोर्ट मांगी। सीओ पुवायां की जांच में चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक महेंद्र सिंह और सिपाही सुमित पर आरोप सही पाए गए। एसपी सौरभ दीक्षित ने जांच रिपोर्ट के आधार पुवायां कस्बा चौकी इंचार्ज महेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है, जबकि सिपाही सुमित को लाइन हाजिर कर दिया।
