लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 2026-27 के बजट में विभिन्न विभागों और क्षेत्रों के लिए किए गए प्रावधान प्रदेश में बढ़ते विकास निवेश और जनसेवाओं के विस्तार को रेखांकित करते हैं। शिक्षा, ऊर्जा, सड़क, नगर विकास और सिंचाई जैसे क्षेत्रों के लिए बजटीय प्रावधानों में बढ़ोतरी के बीच प्रदेश की अर्थव्यवस्था के विस्तार को भी विकास के प्रमुख आधार के रूप में देखा जा रहा है। 2026-27 का राज्य बजट ₹9,12,696.35 करोड़ का है, जो 2025-26 के बजट अनुमान से 12.9 प्रतिशत अधिक है।
- अर्थव्यवस्था के विस्तार से बढ़ी विकास की क्षमता
प्रदेश के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 2016-17 में करीब ₹13.3 लाख करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹30.25 लाख करोड़ हुई और 2025-26 में इसके करीब ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसी अवधि में राज्य के बजट का आकार भी बढ़ा है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि अर्थव्यवस्था और बजट के बढ़ते आकार से सरकार को शिक्षा, ऊर्जा, सड़क, शहरी सुविधाओं और सिंचाई सहित जनहित के क्षेत्रों में अधिक संसाधन लगाने की क्षमता मिलती है।
- शिक्षा पर बढ़ा फोकस
2026-27 के बजट में शिक्षा के लिए कुल बजट का करीब 12.4 प्रतिशत प्रावधान किया गया है। बजट दस्तावेजों के अनुसार शिक्षा को राज्य की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। डॉ. राजेश्वर सिंह के अनुसार शिक्षा में बढ़ा निवेश बच्चों और युवाओं के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।
- ऊर्जा और सड़कों के लिए बड़े प्रावधान
ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹65,926 करोड़ तथा सड़कों के लिए ₹34,468 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बजट में बुनियादी ढांचे पर पूंजीगत व्यय को भी प्रमुखता दी गई है। सड़क और ऊर्जा अवसंरचना में निवेश का सीधा संबंध नागरिक सुविधाओं, औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक संपर्क के विस्तार से है।
- नगर विकास और सिंचाई पर भी जोर
शहरीकरण की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए नगर विकास क्षेत्र में भी संसाधनों का विस्तार किया गया है। वहीं सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्यों के लिए बजटीय प्रावधान किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हैं। इन क्षेत्रों में निवेश से शहरी सुविधाओं के विस्तार के साथ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आधार मिलने की अपेक्षा है।
- लखनऊ नगर निगम का बजट भी बढ़ा
लखनऊ नगर निगम के बजट में पिछले वर्षों के मुकाबले उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। बढ़े हुए संसाधन शहर में स्वच्छता, सड़क, जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए वित्तीय क्षमता बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।
- ‘सुशासन का लाभ आम नागरिक तक पहुंचे’
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “सुशासन का अर्थ केवल बेहतर प्रशासन नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें निवेश आए, अर्थव्यवस्था बढ़े और विकास का लाभ आम नागरिक तक पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, नीतिगत स्पष्टता और प्रशासनिक कार्यक्षमता को विकास के साथ जोड़ा गया है। अर्थव्यवस्था और बजट का बढ़ता आकार सरकार की विकास योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की क्षमता को दर्शाता है। इसी बढ़ी हुई क्षमता के कारण शिक्षा, ऊर्जा, सड़क, नगर विकास और सिंचाई जैसे क्षेत्रों में जनसेवाओं और विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं।”
- विकास के साथ जनसेवा पर जोर
बढ़ती अर्थव्यवस्था, विस्तृत बजट और बुनियादी ढांचे पर बढ़ते निवेश के बीच उत्तर प्रदेश में विकास और जनसेवाओं के लिए संसाधनों का दायरा बढ़ा है। 2026-27 के बजट में पूंजीगत व्यय के लिए ₹2,48,225.80 करोड़ और नई योजनाओं के लिए ₹43,565.33 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं पर सरकार के वित्तीय जोर को दर्शाता है।
