राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। ये FIR अयोध्या थाने में राम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार CCTV में चोरी करते दिखाई दिए और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। इस मामले में 8 लोगों पर FIR हुई है। इनमें टिन्नू यादव और 6 कैशियर भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस मामले में 6 लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया है। जानकारी के अनुसार, लव कुश और अनुकल्प के अलावा 4 कैश गिनने वाले लोग भी हिरासत में ले लिए गए हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन की तहरीर पर ये FIR दर्ज की गई है। यूपी सरकार के निर्देश पर इस मामले में बीएनएस के तहत 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) के तहत शिकायत की गई है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में संस्तुति के बाद श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट की शिकायत पर FIR दर्ज हुई है।
- BNS की धारा 316 (5) के अनुसार: यदि कोई लोक सेवक (सरकारी कर्मचारी), बैंकर, व्यापारी, एजेंट, दलाल, या वकील अपने पेशेवर पद का दुरुपयोग करके किसी संपत्ति या अधिकार में विश्वासघात करता है, तो उसे 10 साल तक की कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान है।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(4): चोरी के सामान की आदतन खरीद-फरोख्त से संबंधित है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर बार-बार चोरी का माल खरीदता है या उसका व्यापार करता है, तो यह एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317 (5): चोरी की संपत्ति से संबंधित है। इसके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर (स्वेच्छा से) चोरी की गई संपत्ति को छिपाने, ठिकाने लगाने या एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में सहायता करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61: आपराधिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy) से संबंधित है। यह पूर्व में लागू आईपीसी (IPC) की धारा 120B के समान है।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5): (पूर्व IPC की धारा 34 के समान) ‘साझा आशय’ (Common Intention) को परिभाषित करती है। इसके अनुसार, जब कई व्यक्ति मिलकर किसी अपराध को एक समान आपराधिक इरादे से अंजाम देते हैं, तो हर व्यक्ति को उस अपराध के लिए उसी तरह जिम्मेदार माना जाएगा, जैसे कि उसने वह अपराध अकेले किया हो।
FIR में किनके नाम सामने आए?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में सख्त रुख अपनाया है। माना जा रहा है कि इस मामले में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां होंगी। दान चोरी मामले में SIT की प्राथमिक रिपोर्ट में संस्तुति और सीएम योगी के निर्देश के बाद ये FIR दर्ज हुई है। अब तक 8 नामजद और बाकी अज्ञात के खिलाफ दर्ज FIR दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें रामाशंकर यादव टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमा शंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव के नाम एफआईआर में कन्फर्म बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने कुल 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही पैसा गिनने वाली टीम के मुखिया के तौर पर सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव का नाम है जबकि 6 पैसा गिनने वाले कर्मचारियों का नाम है।ये सभी 6 लोग पैसे का गबन करते हुए CCTV में कैद हुए हैं। टिन्नू यादव का भतीजा मनीष यादव भी पैसा गिनने का काम करता था, उसका नाम भी है। साथ ही अनुकल्प मिश्रा का नाम भी है। इस FIR के आधार पर पुलिस जांच करेगी और जो भी इसमें और शामिल होगा और जांच में जिसका नाम आएगा उसका नाम दर्ज किया जाएगा।
