पीएम मोदी 25 को आ सकते हैं सिद्धार्थनगर, यूपी के आठ मेड‍िकल कालेजों का करेंगे लोकार्पण

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(www.arya-tv.com) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर को सिद्धार्थनगर आ सकते हैं। उनका कार्यक्रम लेने की तैयारी शासन स्तर पर चल रही है। यदि कार्यक्रम को हरी झंडी मिल गई तो प्रधानमंत्री सिद्धार्थनगर से प्रदेश के आठ जनपदों में नव स्थापित राजकीय मेडिकल कालेज का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे।

तीस जुलाई को टल गया था प्रधानमंत्री का प्रस्तावित कार्यक्रम

सिद्धार्थनगर में बीते 30 जुलाई को प्रधानमंत्री का पहले कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन मेडिकल कालेज की मान्यता मिलने के बाद कार्यक्रम होने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी। अब मान्यता मिल चुकी है। पीएम के आने में कोई अड़चन नहीं रह गया है। मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से कार्य पूरा होने की समीक्षा की। इससे बाद बुधवार देर शाम को मान्यता मिल गई। प्रधानमंत्री जिला जेल के सामने बीएसए परिसर में जनसभा को संबोधित कर सकते हैं।

इसकी पूरी संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री का एक बार कार्यक्रम टल जाने से लोगों को काफी निराशा हुई थी, जिसका भरपाई योगी सरकार कराना चाहती है। विधान सभा चुनाव भी नजदीक है। इस कारण से भाजपा का भी पूरा जोर है कि एक बार यहां प्रधानमंत्री की जनसभा हो जाए। इसके लिए पहले तीन हेलीपैड बनाए जा चुके हैं। मौसम भी अनुकूल है।

सांसद जगदंबिका पाल भी मेडिकल कालेज के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं। सांसद ने पत्र में कहा है कि मेडिकल कालेज पूरी तरह से तैयार हो चुका है। अब इसका शुभारंभ होना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इस मामले में पूछे जाने पर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि मेडिकल कालेज को मान्यता मिल गई है। 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री वाराणसी आ रहे हैं। यहां भी उनका कार्यक्रम लग सकता है। लेकिन अभी कोई अधिकृत सूचना नहीं मिली है।

सिद्धार्थनगर में मेडिकल कालेज को मिली मान्यता

इस बीच राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने सिद्धार्थनगर के राजकीय मेडिकल कालेज को मान्यता प्रदान कर दी है। अब यहां एमबीबीएस की सौ सीटों पर प्रवेश हो सकेगा। वर्तमान सत्र से ही यहां पर पढ़ाई शुरू हो जाएगी। बुधवार की देर शाम मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के अध्यक्ष ने यह अनुमति प्रदान की है।

इसके साथ ही अब कालेज के संचानल का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि कुछ विभागों में विशेषज्ञों की नियुक्ति अभी शेष रह गई है। अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग से होनी है।

नेशनल मेडिकल कमीशन ने की समीक्षा

मान्यता देने के लिए मंगलवार की शाम नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने वर्चुअल माध्यम से तीन घंटे तक कार्यों की समीक्षा की। अधूरे कार्यों के पूरा होने की जानकारी मेडिकल कालेज प्रशासन से हासिल की। एमबीबीएस की सौ सीटों पर प्रवेश की तैयारियों से टीम संतुष्ट दिखी। इसके पहले चार अगस्त को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की दो सदस्यीय टीम आई थी।

टीम ने छात्रों के उपयोग में आने वाले फर्नीचर, उपकरण की खरीदारी तक नहीं हो सकी थी। कक्षाएं चलाने के पूरे बंदोबस्त नहीं किए गए थे। हास्टल व कैंटीन में काम निर्माणधीन थे। इन अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए एनएमसी ने अगस्त माह का समय दिया था।

दो माह बीतने के बाद एनएमसी ने मंगलवार की दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक वर्चुअल माध्यम से मेडिकल कालेज को अप्रूवल देने के लिए सारे अधूरे कार्यों के पूरा होने की समीक्षा की। टीम को प्राचार्य डाक्टर सलिल कुमार श्रीवास्तव ने वीडियो के माध्यम से एक-एक बिंदुओं को ठीक ढंग से दिखाया। तीन घंटे तक चली समीक्षा में लैब, फर्नीचर, लाइब्रेरी, कक्षा, हास्टल, मेस आदि के बारे में टीम ने विस्तार से चर्चा की।

इसके अलावा 100 छात्रों के प्रवेश पर स्टाफ की जानकारी भी लिया। इसके बाद बुधवार की देर शाम मान्यता मिल गयी। इस मामले में राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. सलील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि तैयारी के सभी मानकों को परखने के बाद एनएमसी ने मान्यता दे दी है।

विषय विशेषज्ञों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने भी कहा कि मेडिकल कालेज के संचालन का रास्ता अब साफ हो गया है। अब यहां सौ सीटाें पर एमबीबीएस की पढ़ाई हो सकेगी।

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