विकास कार्यों का लेखा-जोखा पहुंचा जनता के द्वार
लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में विकास, सेवा और जनकल्याण की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम चकौली में विकास दर्शन रथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्रवासियों को विधानसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों, जनहितकारी योजनाओं और लोककल्याणकारी पहलों की विस्तृत जानकारी दी गई। विकास दर्शन रथ ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर विकास की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का परिचय कराया।
जनसंवाद और जनभागीदारी को मिला नया आयाम
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विकास दर्शन रथ केवल विकास कार्यों की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरोजनीनगर परिवार और क्षेत्रवासियों के बीच संवाद, विश्वास और जनभागीदारी को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। इस पहल के जरिए विकास कार्यों को सीधे जनता तक पहुंचाने और उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
माँ तारा शक्ति रसोई से हुई भोजन सेवा
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को कैलेंडर वितरित किए गए। साथ ही माँ तारा शक्ति निःशुल्क रसोई केंद्र के माध्यम से भोजन सेवा भी प्रदान की गई। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनसेवा और सामाजिक सरोकार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीण, विकास कार्यों पर जताया संतोष
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष दलबहादुर सिंह, जिला मंत्री संजीव मिश्रा (फंटन), दीन दयाल प्रधान, सुशील राजपूत, अमरजीत लोधी, श्याम मनोहर लोधी, अशोक लोधी, जगदीश साहू, सुखवीर यादव, अवनीश रावत, उमा शंकर लोधी, अखिलेश लोधी, चच्चू लोधी, सहदेव लोधी, रामदीन गौतम, रामस्वरूप गौतम, संजीव लोधी, रामप्रकाश लोधी, रघुनंदन लोधी, नरेश गौतम, चंदर लोधी, सोनवती लोधी, राधा लोधी, निर्मला लोधी, भगवान देई लोधी, सुनीता लोधी, मीना लोधी, कलावती लोधी, कुसमा लोधी, लक्ष्मी लोधी, कंचन लोधी, संगीता लोधी, किरन लोधी, मोनिका लोधी, वंदना लोधी, रामरती रावत, क्रांति लोधी, दुलारी लोधी, अनिता लोधी एवं प्रीति लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
विकास और जनसेवा के संकल्प के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और जनसेवा के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने विकास दर्शन रथ को जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बताते हुए इस तरह के कार्यक्रमों को लगातार जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
