हमारा वनवासी समाज देश की अतीत की परम्पराओं का वाहक: मुख्यमंत्री

Lucknow
  • मुख्यमंत्री ने एकलव्य वनवासी छात्रावास भवन का लोकार्पण तथा सांरग धनुर्विद्या प्रशिक्षण केन्द्र का शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री  ने  बिन्दौवा, मोहनलाल गंज स्थित सेवा समर्पण संस्थान के आश्रम परिसर में एकलव्य वनवासी छात्रावास भवन का लोकार्पण तथा सांरग धनुर्विद्या प्रशिक्षण केन्द्र का शिलान्यास करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। ज्ञातव्य है कि वनवासी छात्रों के लिए एकलव्य वनवासी छात्रावास भवन का निर्माण हिन्दुस्तान पेट्रोलियम काॅरपोरेशन लिमिटेड (एच0पी0सी0एल0) की सी0एस0आर0 फण्ड से किया गया है। सांरग धनुर्विद्या प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण हुडको द्वारा कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि सी0एस0आर0 निधि का बेहतर उपयोग कैसे उपयोग हो सकता है, यह अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के प्रकल्प सेवा समर्पण संस्थान के इस लोकार्पण कार्यक्रम के माध्यम से देखने को मिला है। हुडको द्वारा यहां वनवासियों की परम्परागत विधा व उनकी प्रतिभा को उजागर करने के लिए आॅर्चरी का एक माॅडल सेण्टर बनाया जा रहा है। इससे अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़े बच्चों के साथ-साथ लखनऊ के बच्चों को आॅर्चरी जानने, सीखने तथा अपनी प्रतिभा को देश व दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री  ने सी0एस0आर0 निधि से एकलव्य वनवासी छात्रावास भवन के निर्माण के लिए एच0पी0सी0एल0 को धन्यवाद देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके द्वारा इस भवन को आगे बढ़ाकर भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने सेवा समर्पण संस्थान को आश्वस्त किया कि संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए मेमोरेण्डम के अनुरूप डबल इंजन की सरकार उनकी अपेक्षाओं को पूरा करेगी।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री  कौशल किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री , प्रधानमंत्री  के विकसित भारत व आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में अहम भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। साथ ही, आदिवासी समाज के कल्याण के लिए भी कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह, हुडको के सी0एम0डी0  संजय कुलश्रेष्ठ, एच0पी0सी0एल0 के कार्यकारी निदेशक  राजीव गोयल, सेवा समर्पण संस्थान के अध्यक्ष  जितेन्द्र अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।