राम मंदिर मामले में SIT पर केजरीवाल के सवाल, बोले- ‘लोगों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास’

# ## National

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या में राम मंदिर के दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की वैधता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को अयोध्या रवाना होने से पहले लखनऊ हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी का गठन सच्चाई सामने लाने के बजाय प्रभावशाली लोगों को बचाने के उद्देश्य से किया गया है।

एसआईटी की वैधता पर उठाए सवाल

केजरीवाल ने कहा कि करोड़ों रुपये के दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बावजूद अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। उनका कहना था कि बिना एफआईआर के एसआईटी का गठन कैसे किया गया, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने दावा किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पहले प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए और उसके बाद ही विशेष जांच दल का गठन किया जा सकता है।

श्रद्धालुओं की भावनाओं का मुद्दा उठाया

आप प्रमुख ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आई खबरों के अनुसार राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए हीरे, कीमती पत्थर, नकदी और चांदी से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि इन खबरों ने देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है। केजरीवाल ने कहा कि वह स्वयं भी इस मामले से बेहद व्यथित हैं और इसी वजह से अयोध्या जा रहे हैं।

अयोध्या दौरे का किया जिक्र

पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि वह अयोध्या में रामलला के दर्शन करेंगे, हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना करेंगे और संतों से मुलाकात भी करेंगे। उन्होंने कहा कि भगवान राम में आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों के मन में इस मामले को लेकर सवाल हैं, जिनका जवाब मिलना चाहिए।

प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताएं किसी बड़े स्तर की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में इतनी बड़ी मात्रा में धन और कीमती वस्तुओं की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष और प्रभावी जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार मौजूदा एसआईटी के पास जांच की पर्याप्त शक्तियां नहीं हैं और इसका उद्देश्य पूरे मामले को दबाना है।

संजय सिंह ने भी सौंपे दस्तावेज

इससे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में एसआईटी के समक्ष पेश हुए। उन्होंने जांच दल को कई दस्तावेज सौंपते हुए दावा किया कि इनमें कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। अब इस मामले में एसआईटी की आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।