अरशद ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने प्रदर्शन से पाकिस्तान का नाम किया रोशन, नीरज चोपड़ा के वीडियो देखकर करते थे तैयारी

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(www.arya-tv.com) विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के नीरज चोपड़ा पोडियम के शीर्ष पर रहे। उनके साथ मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में पाकिस्तान के अरशद नदीम दूसरे स्थान पर रहे। वर्षों से एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा कर रहे दोनों एथलीटों के बीच ज्यादा अंतर नहीं था। जहां नीरज भारतीय एथलेटिक्स में ‘गोल्डन बॉय’ बने हुए हैं, वहीं अरशद ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने प्रदर्शन से पाकिस्तान का नाम रोशन किया है। रोचक बात यह है कि अरशद के लिए नीरज गुरु की तरह हैं। यह सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा, लेकिन सच है।

अशरफ के चाचा बोले- पूरा गांव बेटे को देखने के लिए देर रात तक जागता रहा

दरअसल, अरशद के चाचा मुहम्मद अशरफ ने खुलासा किया कि अरशद अक्सर नीरज के वीडियो देखते हैं, ताकि वह इंटरनेशनल गेम्स के लिए खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर सकें। उन्होंने कहा- हमारा पूरा गांव रात अरशद को प्रतिस्पर्धा करते हुए देख रहा था। हर कोई जानता था कि उन्हें सुबह काम पर जाना है, जिसमें मैं भी शामिल था। हालांकि, हम अपने बच्चे को विश्व स्तर पर पदक जीतते देखने का मौका नहीं छोड़ना चाहते थे।

भारत के जिस बेटे ने मेडल जीता, उसे हम अरशद के मोबाइल पर देखते थे

मुहम्मद अशरफ को शुरू में समझ नहीं आया कि जैवलिन थ्रो क्या है, लेकिन वह यह देखकर बहुत खुश हैं कि अरशद ने खेल में अपने प्रदर्शन से पाकिस्तान को किस तरह का गौरव दिलाया है। उन्होंने कहा- उन्होंने गांव के साथ-साथ पाकिस्तान और एशियाई महाद्वीप को गौरवान्वित किया है। जब उन्होंने पदक जीता तो उनके सभी भाई-बहन खुशी से झूम रहे थे। इंडिया दा मुंडा गोल्ड जित्या ते अरशद हमेशा ओहरे गैल करदा है। (भारत के एक लड़के ने गोल्ड जीता है। जब भी अरशद घर पर होते हैं तो अक्सर उनके बारे में बात करते हैं।)

नीरज चोपड़ा के वीडियो देखकर तैयारी करते थे अरशद

अरशद की तैयारियों के रूटीन में नीरज चोपड़ा के वीडियो देखना भी शामिल था। उन्होंने कहा- चोट के दौरान जब वह घर पर थे, तो वह भाला और टेंट पेगिंग के बीच समानता के बारे में बात करते थे। वह हमें बताते थे कि यह टेंट पेगिंग की तरह ही सटीक है और भाला में भी सही कोण और वेग हासिल करना होता है। वह अक्सर यूट्यूब वीडियो देखते थे और हम भारतीय लड़के को उसके मोबाइल फोन पर देखते थे।

अरशद के लिए दूध और घी की करते थे व्यवस्था

अरशद और उनके परिवार के लिए हालात हमेशा इतने आसान नहीं थे। एथलीट मुश्किल से अपनी कमाई से गुजारा कर पाता था। उनके चाचा ने खुलासा किया कि वह अरशद को हमेशा दूध और घी देकर उसके डाइट का ख्याल रखते थे। उन्होंने कहा- हमने ऐसे दिन भी देखे हैं जब मैं प्रतिदिन 300-400 रुपये कमाता था और मुझे घर पर 9 लोगों काक भरण-पोषण करना पड़ता था। हालांकि, हमने यह तय किया कि अरशद और उसके भाई-बहनों को दूध और घी मिले। अब भी जब वह जीतने के बाद गांव लौटेंगे तो एक गिलास दूध और देसी घी से बना खाना मांगेंगे।