किसके इशारे पर इमरान मसूद ने अखिलेश यादव के खिलाफ फायर खोल रखा है?

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कांग्रेस के सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर लगातार हमलावर हैं. मसूद अपने बयान से उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन की टेंशन बढ़ा रहे हैं. मसूद अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के खिलाफ मसूद के बयान से सपा के नेता नाराज बताए जा रहे हैं. मऊ से सांसद राजीव राय ने तो खुलकर राहुल गांधी से ऐसे बड़बोले नेताओं पर एक्शन लेने की मांग की. हालांकि, यूपी और दिल्ली की कांग्रेस इमरान मसूद के बयान पर पूरी तरह साइलेंट हैं.

इमरान मसूद की छवि दलबदलू नेता की

सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद पहले कांग्रेस में थे. 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले इमरान मसूद ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद उनका राजनीतिक वनवास का दौर शुरू हो गया. पहले इमरान 2014 में सहारनपुर लोकसभा चुनाव हारे और फिर 2017 में विधानसभा चुनाव. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी मसूद जीत हासिल नहीं कर पाए.मसूद 2022 के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए, लेकिन यहां समाजवादी पार्टी ने उन्हें टिकट ही नहीं दिया. इसके बाद वे बीएसपी में गए, लेकिन वहां भी दाल नहीं गली. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले मसूद कांग्रेस में वापस आ गए. 2024 में इंडिया गठबंधन के सहयोग से मसूद सहारनपुर सीट पर जीतने में कामयाब रहे.

अखिलेश पर कब क्या बोले इमरान मसूद? 2 पॉइंट्स

1. 13 जुलाई को इमरान मसूद ने एक बयान में अखिलेश यादव को इशारा करते हुए कहा कि उन्हें मुस्लिम लीडर पसंद नहीं है. इमरान मसूद ने आगे कहा कि गठबंधन की जरूरत समाजवादी पार्टी को ज्यादा है. 2024 में गठबंधन के बूते ही सपा लोकसभा की 37 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई.

2. 22 जून को इमरान मसूद ने सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव को राम मंदिर का मुद्दा दिखता है, लेकिन मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा नहीं दिखता है. सपा मुसलमानों से सिर्फ वोट लेना जानती है.

इमरान ने किसके इशारे पर फायर खोल दिया है?

इमरान मसूद उत्तर प्रदेश के पुराने नेता हैं. लंबे वक्त तक कांग्रेस में ही अपनी राजनीति की है. उन्हें कांग्रेस में काम करने का तरीका और अनुशासन पता है. कांग्रेस में गठबंधन और टिकट बंटवारे का फैसला राज्य इकाई की सलाह पर कांग्रेस हाईकमान करती है. इसके खिलाफ बोलने वाले नेता शंट कर दिए जाते हैं.

समाजवादी पार्टी इस वक्त इंडिया गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. पिछली बार दिल्ली में जब इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाई गई थी, तब अखिलेश यादव को राहुल गांधी की बगल की कुर्सी दी गई थी. कांग्रेस के बाद इंडिया गठबंधन में सपा के पास लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें हैं.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इमरान मसूद आखिर किसके कहने पर अखिलेश यादव के खिलाफ फायर खोले हुए हैं?

1. इमरान मसूद जिस तरह की डिमांड कर रहे है. उसी तरह की डिमांड कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय दोहरा रहे हैं. यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एक इंटरव्यू में कहा मसूद को वरिष्ठ नेता बताया. उन्होंने उनके बयान से भी इत्तफाक जताया. यानी अजय राय मसूद के हालिया बयान से सहमत हैं. हालांकि, राय ने कहा कि गठबंधन पर फाइनल फैसला हाईकमान लेगा.

2. इमरान मसूद को कांग्रेस के भीतर प्रियंका गांधी का करीबी माना जाता है. फिलहाल यूपी की सियासत से प्रियंका दूर है. यही वजह है कि पार्टी मसूद को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति में है. कोई फैसला नहीं ले पा रही है.

3. सारा मसला सीट बंटवारे और गठबंधन को मूर्त रूप देने को लेकर है. कांग्रेस चाहती है कि जल्द से जल्द इन मामलों को सुलझाया जाए. यूपी में फरवरी 2027 में विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं. यानी चुनाव होने में अब सिर्फ 7 महीने का वक्त बचा है.