जनसेवा ही संकल्प: सरोजनीनगर जनसुनवाई में उमड़ा जनसैलाब, 278 प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। सरोजनीनगर में आयोजित जनसंवाद एवं जनसुनवाई कार्यक्रम जनसेवा और जनविश्वास का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया, जहां हजारों क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं रखीं। कार्यक्रम के दौरान प्राप्त 278 प्रार्थना पत्रों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और टीम सदस्यों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। प्राप्त प्रार्थना पत्रों में साइकिल, लैपटॉप, सोलर लाइट, सिलाई केंद्र, आरबीएस सेंटर, आर्थिक सहायता, सड़क एवं नाली निर्माण सहित विभिन्न जनकल्याणकारी मांगें प्रमुख रहीं।

- जरूरतमंदों को मिली तत्काल सहायता
जनसुनवाई की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहां आने वाला कोई भी जरूरतमंद निराश होकर वापस नहीं लौटा। कार्यक्रम के दौरान 100 से अधिक जरूरतमंद लोगों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इनमें बच्चों की फीस जमा कराने वाले अभिभावक, बेटियों के विवाह के लिए सहयोग मांगने वाले परिवार, इलाज और दवाओं के लिए सहायता चाहने वाले मरीज तथा पेंशन में विलंब का सामना कर रही विधवा महिलाएं शामिल रहीं। बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया गया।

- मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन, विकास कार्यों को मिली गति
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मेधावी छात्र-छात्राएं अपनी अंकतालिकाओं के साथ पहुंचे। उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप लैपटॉप एवं साइकिल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। अब तक 2,000 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप और साइकिल वितरित किए जा चुके हैं। इस अवसर पर बताया गया कि सरोजनीनगर में एयरपोर्ट से पीजीआई और कल्ली पश्चिम तक बड़े पैमाने पर विकास कार्य चल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चार एक्सप्रेसवे और लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड रोड जैसे प्रमुख परियोजनाएं क्षेत्र की नई पहचान बन रही हैं। साथ ही सड़क, नाली, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक 1,500 से अधिक नई सड़कों का निर्माण और पुरानी सड़कों का सुदृढ़ीकरण कराया जा चुका है।
- स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष जोर
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। अब तक 1,500 से अधिक मरीजों के लिए 25 करोड़ रुपये से अधिक की चिकित्सा सहायता स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिससे आर्थिक अभाव के कारण कोई भी जरूरतमंद उपचार से वंचित न रहे। कार्यक्रम में युवाओं को डिजिटल शिक्षा, कंप्यूटर ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही अभिभावकों से बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। जनसुनवाई का समापन आत्मीय और संवेदनशील वातावरण में हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने जनसमस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्धता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए सरोजनीनगर को विकास, सुशासन और जनकल्याण का आदर्श मॉडल बनाने के संकल्प को दोहराया।
