मुख्यमंत्री जी ! आखिर कब होगी धन कुबेर ग्राम प्रधानों की संपत्ति की जांच

Lucknow
  • सीएम के आदेशों को भी नही मानते हैं अफसर

लखनऊ(राहुल तिवारी)। मुख्यमंत्री के आदेशों को लेकर अफसर कितने ज्यादा मुस्तैद हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीएम योगी के द्वारा ग्राम प्रधानों की संपत्ति की जांच व कहां पर कितना विकास हुआ इइसकी रिपोर्ट अब शासन को नही मिल पायी है जबकि प्रदेश की भाजपा सरकार अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण कर चुकी है। अफसरों की मनमानी का ही कारण है कि गांवों में हर जरुरतमंद तक सरकार की योजना का लाभ उस तरह से नही पहुंच पा रहा है जिस तरह से सरकार चाहती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यह आदेश जारी किया गया था कि पांच साल में प्रधानों द्वारा कितना कहाँ विकास हुआ और इन प्रधानों के पास प्रधान होने से पहले कितनी सम्पत्ति थी और वर्तमान में अब कितनी है लेकिन आज तक किसी प्रधान की संपत्ति की जांच हुई न ही गाँव के विकास की। योगी सरकार को लगभग तीन वर्ष पूरे हो चुकें है लेकिन जिले में बैठे जिम्मेदार चाहे जिलाधिकारी हो या फिर मुख्य विकास अधिकारी या फिर शासन में बैठे बड़े जिम्मेदार इन लोगों ने गाँव गाँव पहुंचकर न तो विकास का जायजा लिया न ही प्रधानों की सम्पत्ति की ही जांच की जिसका सबसे बड़ा कारण है इन ग्राम प्रधानों के ऊपर सत्ता के जनप्रतिनिधियों का संरक्षण।

अगर देखा जाए तो राजधानी के तमाम गांवो में प्रधान पांच सालों में अकूत सम्पत्ति अर्जित कर धन कुबेर बन चुके हैं और इनके द्वारा अपने चहेतों को ही सिर्फ प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री द्वारा गरीबों तक पहुचायी जाने वाली जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। राजधानी के विकास खंड सरोजनीनगर की बात करें तो इस विकास खंड में भी दर्जनों गांवों के प्रधान पांच सालों में धन कुबेर बन चुकें है और गरीब और गाँव का विकास आज भी वहीं का वहीं है। सरोजनीनगर विकास खंड के ग्रामसभा सहिजनपुर और रामदासपुर का हाल देखा जाए तो विकास और गरीब आज भी वहीं का वहीं है लेकिन ग्राम प्रधान ने जरूर अपनी सम्पत्ति बढ़ा ली है।

इसी तरह ग्राम सभा लोनहा में विकास के नाम पर काफी भ्रष्टाचार है न नाली न खड़जां जलभराव आरसीसी रोड से हो रहा है, आखिर ऐसा क्यों। मुख्यमंत्री जी इन ग्राम प्रधानों की जांच आखिर कब की जायेगी इसका जवाब अफसरों के पास नही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गावों में विकास कार्यो के साथ ही ग्राम प्रधानों की भी संपत्ति्जि की जांच की जाये ताकि लोगों को उनका हक मिल सके और प्रधानों व अफसरों ककी मनमानी पर लगाम लग सके।