तिब्बत में मिली पांच नई प्रजातियां, अरुणाचल में मिले सफेद मुंह वाले बंदर 

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(www.arya-tv.com) तिब्बत में जानवरों की पांच नई प्रजातियों की खोज की गई है, जिनमें तीन प्रकार के मेंढक, एक पुरानी दुनिया के बंदर और एक बुशमास्टर सांप शामिल हैं. पांच जानवरों के खोज की जानकारी तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र में स्थलीय वन्यजीव ब्यूरो की आठ साल की छानबीन के बाद दी गई है.

चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी. रिपोर्ट में कहा गया है कि 6,346 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में ब्यूरो द्वारा यह दूसरी छानबीन की गई. खोजी गई प्रजातियों में एक प्रकार का मकाक (पुरानी दुनिया के बंदरों का एक जीनस), बुशमास्टर सांप (विषैला) और तीन तरह के मेंढक शामिल हैं.

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार छानबीन में 20 प्रजातियों की भी खोज की गई. इन प्रजातियों के बारे में इससे पहले यह जानकारी नहीं थी कि ये तिब्बत में ही थे. सफ़ेद-चीक मकाक सभी पांच नई प्रजातियों का एकमात्र स्तनपायी है.यह मेडोग काउंटी में पाया गया जो अरुणाचल प्रदेश की सीमा के तिब्बत में अंतिम काउंटी है।

इस प्रजाति के बारे में पहली बार साल 2015 में इसके खोजकर्ताओं, चीनी प्राइमेटोलॉजिस्ट ली चेंग, झाओ चाओ और फैन पेंगफेई जानकारी दी थी. पांच नई पाई गई प्रजातियों में शामिल सफेद गाल वाले मकाक बंदर हाइट में काफी बड़े होते हैं. इन जानवरों की पीठ पीले-भूरे से लेकर चॉकलेटी-भूरे रंग तक होती है.

इसके साथ ही प्रोटोबोथ्रोप्स हिमालयनस, बुशमास्टर सांप भी इस खोज में पाया गया है. इसे साल 2012 में हिमालय पर्वत में खोजा गया था. इसकी खासियत इसके लाल सिर और लाल आँखें हैं. यह लंबाई में 1.5 मीटर तक जा सकता है. बड़े विषैले सांप की खोज स्थानीय प्रजाति विविधता का एक संकेत है. छानबीन में 900 से अधिक शोधकर्ता शामिल थे, जिन्होंने तिब्बत में जंगली जानवरों के वितरण, उनके आवास, आबादी के आकार और बदलते रुझानों की जांच की.

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