बसने जा रही है उत्तराखंड की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल सिटी, बदलेगी UP- MP बिहार तक के लाखों युवाओं की किस्मत

# ## Business National

 ऊधम सिंह नगर  रुद्रपुर से करीब 17 किलोमीटर दूर किच्छा तहसील का खुरपिया फार्म इन दिनों शांत नजर आता है। दूर-दूर तक खुले मैदान, कृषि भूमि और हरियाली फैली हुई है। शाम करीब चार बजे, जब सूरज लालिमा ओढ़ने की तैयारी कर रहा था, तब एम्स निर्माण स्थल की ओर पीठ किए बैठे बिहार के कुछ मजदूर अपने भविष्य को लेकर बातें कर रहे थे। डिवाइडर विहीन सड़क पर उड़ती धूल और लगातार गुजरते वाहनों के शोर के बीच यह इलाका पहली नजर में किसी सामान्य ग्रामीण क्षेत्र जैसा दिखाई देता है। लेकिन अगर सब कुछ योजना के मुताबिक आगे बढ़ा, तो आने वाले कुछ वर्षों में यही खामोश जमीन उत्तराखंड के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकती है।

उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहेगा विकास

सबकुछ ठीक रहा तो 2028 बीतने से पहले यहां हजारों कर्मचारियों की आवाजाही होगी। खुले मैदान हैं, वहां आधुनिक फैक्ट्रियां, चौड़ी सड़कें, आवासीय कॉलोनियां और व्यावसायिक गतिविधियां दिखाई देंगी। इस बदलाव का असर केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों युवाओं के रोजगार पर भी पड़ सकता है। हर साल  मध्य प्रदेश , उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों युवा रोजगार की तलाश में  गैर हिन्दी पट्टी के राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु का रुख करते हैं। ऐसे में उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में विकसित हो रहा खुरपिया इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) उनके लिए रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास की नई उम्मीद बनकर उभर रहा है।

क्या है खुरपिया आईएमसी?

खुरपिया इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृतसरकोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) परियोजना का हिस्सा है। इस कॉरिडोर के तहत देश में विकसित किए जा रहे 12 नए ग्रीनफील्ड औद्योगिक शहरों में खुरपिया भी शामिल है। करीब 1002 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब को केंद्र सरकार, उत्तराखंड सरकार औरस्टेट इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (SIIDCUL )की साझेदारी में तैयार किया जा रहा है। मास्टर प्लान अब जमीन पर उतरने लगा है। उपलब्ध परियोजना दस्तावेजों के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने का लक्ष्य वर्ष 2028 रखा गया है।

1265 करोड़ की परियोजना, 6180 करोड़ रुपये तक निवेश की संभावना

करीब 1265 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 6180 करोड़ रुपये तक निवेश आने की संभावना जताई गई है। यदि अनुमानित निवेश धरातल पर उतरता है तो खुरपिया आईएमसी उत्तराखंड का नया मैन्युफैक्चरिंग और निवेश केंद्र बन सकता है।

1002 एकड़ में क्या-क्या बनेगा?

इस परियोजना को केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। कुल 1002 एकड़ भूमि में से 618 एकड़ (62 प्रतिशत) औद्योगिक सहायक और एंकर इकाइयों के लिए निर्धारित है। 39 एकड़ (4 प्रतिशत) आवासीय क्षेत्र के लिए रखा गया है, जबकि 16 एकड़ (1 प्रतिशत) भूमि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्धारित की गई है। इसके अलावा 140 एकड़ (14 प्रतिशत) क्षेत्र सड़क और परिवहन नेटवर्क के विकास के लिए आरक्षित रहेगा। 36 एकड़ (4 प्रतिशत) भूमि बिजली, पानी और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के लिए निर्धारित की गई है। वहीं 153 एकड़ (15 प्रतिशत) क्षेत्र को ग्रीन एरिया के रूप में विकसित किया जाएगा। यानी उद्योगों के साथ आवास, व्यापार, परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर पूरे क्षेत्र का विकास किया जाएगा।